लखनऊ। लखनऊ पुलिस टप्पेबाजी के आरोप में एक नाबालिक ल़डके को अवैध रूप से अभिरक्षा में रखने के मामले में सवालाें के घेरे में आ गई है। करीब 10 वर्षीय किशोर जो अपने घर और अपने माता-पिता के बारे में सही तरह से नहीं बता पा रहा लखनऊ की चौक कोतवाली पुलिस ने उसे टप्पेबाजी गिरोह का सरगना बताकर हवालात में बंद कर दिया।
पीç़डत किशोर ने गुरूवार को संवाददाताओं को बताया कि उसे पक़डकर पिछले छह दिनों से हवालात में बंद रखा गया। वहीं चौक क्षेत्राधिकारी पीयूष श्रीवास्तव का दावा है कि वह दो दिन-तीन से ही हवालात में है। सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी एस.आर.दारापुरी ने कहा कि तीन दिन या छह दिन…दोनाें ही स्थितियों में यह अवैध अभिरक्षा का मामला है। उन्हाेंने कहा कि यह साफ तौर पर मानवाधिकार और बाल अधिकाराें के उल्लंघन का मामला प्रतीत हो रहा है। कानून के मुताबिक पुलिस को हिरासत में लेने के 24 घंटे के अंदर आरोपी को अदालत में पेश करना होता है। इस बारे में लखनऊ के पुलिस प्रमुख राजीव कृष्णा से उनके आधिकारिक फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्हाेंने फोन नहीं उठाया। जब चौक क्षेत्राधिकारी अनूप श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्हाेंने आईएएनएस से कहा कि किशोर शातिर टप्पेबाज है। वह गिरोह का सरगना है। उसने कई लोगाें को चूना लगाया है। हमारे पास उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत है। इससे आगे उन्हाेंने कुछ भी बताने से साफ इंकार कर दिया।




