नई दिल्ली: विवादित अक्साई क्षेत्र में सड़कों को सुधारने व प्रस्तावित रेल लाइन के मद्देनजर भारत पर चीन से हमले का खतरा मंडरा रहा है. अब से कुछ हफ्तों बाद चीन पश्चिमोत्तर व पूर्व में स्थित अपने बेस से सैनिकों व साजो-सामान को भारतीय सीमा पर और सुगमता से पहुंचाने में सक्षम होगा. अक्साई चिन भारतीय क्षेत्र है जिस पर चीन का नियंत्रण है.
पश्चिमी हाइवे में सुधार व नवनिर्माण में वह हिस्सा भी शामिल है जो अक्साई चिन के लिए मुड़ता है. यह हाइवे 1900 किमी लंबा है जो जिनजियांग में उर्मुकुकी से शुरू होकर तिब्बत में ल्हासा तक जाता है. जिनजियांग पश्चिमोत्तर चीन में स्वायत्तशासी क्षेत्र है.
अक्साई चीन में अगर चीन व भारत में संघर्ष की नौबत आती है तो सड़कों में सुधार से चीनी सेना को वहां पहुंचाने में कम से कम समय लगेगा. सबसे ज्यादा खतरा रेलवे लाइन को लेकर है जिस पर चीन 2017 से काम करने जा रहा है. यह रेलवे लाइन पश्चिमी हाइवे के समानांतर चलेगी.
एक न्यूज चैनल के अनुसार हर मौसम के लिए उपयुक्त हाइवे के साथ रेलवे लाइन के होने से बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को भारतीय सीमा पर पहुंचाने की चीन की क्षमता में इजाफा होगा. इसे देखते हुए भारतीय सेना ने भी अपने निगरानी यूनिट व गश्त को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के करीब पहुंचा दिया है. वहीं लद्दाख में बड़ी संख्या में सैन्य जमावड़ा भी हो रहा है. हालांकि हर मौसम में काम आने वाली सड़कों के अभाव में चीन का पलड़ा भारी है.




