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#Maharashtra: सरकार पर सस्पेंस के बीच शिवसेना का BJP पर वार, राउत बोले-हमें धोखा मिला

Mumbai: महाराष्ट्र में एक ओर जहां सरकार पर सस्पेंस बरकरार है. वहीं शिवसेना लगातार बीजेपी पर हमलावर है. एक ओर जहां शिवसेना के मुखपत्र सामना में एकबार फिर भाजपा पर तीखा हमला किया है. वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि बीजेपी ने हमें धोखा दिया, लेकिन राज्य में हम सरकार बनायेंगे.

‘महाराष्ट्र में शिवसेना बनायेगी सरकार’

एकबार फिर शिवसेना नेता संजय राउत के निशाने पर भाजपा दिखी. बीजेपी पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए संजय राउत ने एकबार फिर कहा कि शिवसेना ही राज्य में सरकार बनाएगी. वहीं शरद पवार को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें समझने में कई जन्म लग जाएंगे.

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साथ ही कहा कि पवार साहेब का कद बड़ा है, प्रधानमंत्री उनकी तारीफ कर सकते हैं. संजय राउत ने कहा कि हम किसानों के मुद्दे को लेकर वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, और ये मुलाकात शरद पवार की अगुवाई में ही होगी.

उल्लेखनीय है कि सोमवार शाम सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद शरद पवार ने कहा था कि शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस से कोई बातचीत नहीं हुई है.

‘हमें एनडीए से निकालने वाले तुम कौन?’

शिवसेना ने बीजेपी से अपना नाता तोड़ दिया है. और उसके बाद से वो भाजपा पर लगातार हमलावर है. एकबार फिर सामना के जरिये बीजेपी पर शिवसेना ने तीखी टिप्पणी की है.
दरअसल, बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद सोमवार को शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में शिवसेना सांसदों को विपक्ष में जगह दी गयी. जिसपर पार्टी ने अपनी भड़ास निकाली है.

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पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा है, ‘दिल्ली के भाजपा नेताओं ने किस आधार पर और किसकी अनुमति से यह घोषणा की? ‘यात्रा में जल्दबाजी दुर्घटना को निमंत्रण देती है’ इस तरह की जल्दबाजी इन लोगों के लिए ठीक नहीं है.’

सामना में छपे लेख में लिखा गया है कि जिसने ये घोषणा की है उसे शिवसेना का मर्म और एनडीए का कर्म-धर्म नहीं पता है. तुम सभी के जन्म पर शिवसेना ने नाश्ता किया है. जब भाजपा के साथ कोई खड़ा नहीं होना चाहता था, तब जनसंघ के दीये में शिवसेना ने तेल डाला था.

शिवसेना को विपक्ष में जगह मिलने पर सवाल उठाते हुए लेख में लिखा गया है कि आज ‘एनडीए’ का प्रमुख या निमंत्रक कौन है इसका उत्तर मिलेगा क्या? शिवसेना को एनडीए से बाहर निकालने का निर्णय किस बैठक में और किस आधार पर लिया गया. इस पर ‘एनडीए’ के सहयोगी दलों की बैठक बुलाकर चर्चा के बाद निर्णय हुआ है क्या?

उल्लेखनीय है कि संसद में शिवसेना की बैठने की सीट भी बदल गई है. राज्यसभा में शिवसेना अब सत्ता पक्ष नहीं बल्कि विपक्ष के साथ बैठेगी, शिवसेना सदन में एनसीपी के साथ बैठेगी. बता दें कि लोकसभा में शिवसेना के 18 और राज्यसभा में 3 सांसद हैं.

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