Khas-KhabarNational

#Maharashtra: सरकार गठन का फॉर्मूला तैयार! शिवसेना का होगा सीएम, कांग्रेस-एनसीपी को डिप्टी सीएम का पद

Mumbai: महाराष्ट्र में सरकार गठन का फॉर्मूला साफ होता दिख रहा है. सूत्रों की मानें तो शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच सहमति बन गयी है. कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय किया गया है. जिसपर पार्टियों के शीर्ष नेताओं की मुहर लगनी बाकी है.

खबर है कि पूरे पांच सालों के लिए महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा. जबकि कांग्रेस और एनसीपी के एक-एक डिप्टी सीएम होंगे. साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 14 और कांग्रेस को 12 मंत्रीपद मिलेगा. खुद शिवसेना के खाते में भी मुख्यमंत्री पद के अलावा 14 मंत्री पद भी आएंगे.

इसे भी पढ़ेंःटॉस जीतकर बैटिंग में उतरे आजसू के उमाकांत रजक पर भाजपा के अमर बावरी की कमरतोड़ गूगली

SIP abacus

शिक्षा क्षेत्र में मुस्लिमों को 5 फीसदी आरक्षण

Sanjeevani
MDLM

सरकार गठन को लेकर तीनों दलों के नेताओं ने गुरुवार को एक संयुक्त बैठक की, जिसमें एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा हुई.

मीटिंग में बताया कि एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तैयार किया गया है, जिसपर अब तीनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं की अगर सहमति मिलती है तो जल्द ही राज्य में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की सरकार बन सकती है.

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और एनसीपी ने शिवसेना को मुस्लिमों को शिक्षा के क्षेत्र में 5% आरक्षण देने के लिए राजी कर लिया है. यह योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस और एनसीपी सरकार के कार्यकाल में शुरु की गई थी, लेकिन सरकार बदलने के साथ ही इसे लागू नहीं किया गया था. ऐसे में अगर शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन वाली सरकार बनती है तो ये योजना फिर से लागू की जाएगी.

इसे भी पढ़ेंः#JharkhandElection : आजसू पार्टी 15 नवंबर को जारी करेगी उम्मीदवारों की दूसरी सूची, कहा- सीट से ज्यादा जीत पर ध्यान

इसके साथ ही न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत शिवसेना, वीर सावरकर को भारत रत्न देने की अपनी मांग से भी पीछे हट सकती है. हालांकि तीनों दलों के बीच हुए समझौते में हिंदुत्व के मुद्दा को शामिल नहीं किया गया है. सीएमपी पर किसानों और युवाओं से जुड़े मामलों पर फोकस करने पर भी सहमति बनी है.

सूत्रों की मानें तो इस हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी नेता शरद पवार के बीच मुलाकात भी हो सकती है.

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था. लेकिन दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण सरकार गठित नहीं हो पायी. फिलहाल महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू है.

इसे भी पढ़ेंः#JharkhandElection : JMM ने जारी की उम्मीदवारों की तीसरी सूची, लिस्ट में खूंटी और तोरपा नहीं

Related Articles

Back to top button