
- ग्रेटर रांची डेवलपमेंट ऑथोरिटी की बैठक में सीएम ने दिये कई सुझाव
Ranchi: धुर्वा में बने नये विधानसभा परिसर के आसपास कोई भी ऊंची बिल्डिंग नहीं बनायी जायेगी. सीएम हेमंत सोरेन ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है. बुधवार को ग्रेटर रांची डेवलपमेंट ऑथोरिटी के निदेशक पर्षद (Board of Directors) की 27वीं बैठक हुई.
इसकी अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रियों और वरीय अधिकारियों के लिए बनने वाले आवास में समरूपता रखी जाये. इन आवासों का डिजाइन सीएस (मुख्य सचिव) के साथ बैठक करके तय करने का ध्यान रखें. साथ ही इस काम में क्वालिटी का भी ध्यान रखना है.
विस्थापितों के पुनर्वास का भी बनेगा प्लान
सीएम ने भविष्य में खाली होने वाले पुराने आवासों की उपयोगिता का ब्योरा भी तैयार करने को कहा. साथ ही विस्थापितों के पुनर्वास हेतु जरूरी कदम उठाने का भी निर्देश दिया. विस्थापितों के लिये जो आवास बनकर तैयार हैं, उनमें विस्थापित परिवारों को शिफ्ट किया जाये.
विस्थापित परिवार के चयन में सावधानी भी बरतनी है. ग्रेटर रांची डेवलपमेंट ऑथोरिटी के एमडी विनय कुमार चौबे के मुताबिक मंत्रियों, विधायकों और सीनियर अफसरों के लिये बनने वाले आवास जी प्लस 2 से ऊपर के नहीं होंगे. विस्थापितों के पुनर्वास के लिये नये आवास बनाये गये हैं. सभी आवास 1250 स्क्वायर फ़ीट के हैं. प्लाट का एरिया 2700 स्क्वायर फ़ीट है.
52.823 एकड़ में आवासों का निर्माण हुआ है. इसके अलावे अन्य प्रस्तावित निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुए हैं. प्रस्तावित निर्माण कार्य हेतु कंसलटेंट नियुक्ति के बाद विचार-विमर्श होगा. इसके बाद कार्ययोजना तैयार की जाएगी. 149 एकड़ में प्रस्तावित वाटर पार्क निर्माण की जानकारी भी सीएम को दी गयी.
नीलामी से होगा लाभ
ग्रेटर रांची डेवलपमेंट ऑथोरिटी के मुताबिक आम लोगों के उपयोग हेतु जमीन के नीलामी की योजना है. नीलामी से करीब 1500 करोड़ रुपये प्राप्त हो सकते हैं. ये सभी जमीन विधानसभा से दूर है. विधानसभा सत्र के दौरान यहां आर्थिक गतिविधि संचालित करने वालों या रहने वालों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी.
आईटी पार्क के लिए भूमि आवंटित कर दी गई है. 32 संस्थानों को जमीन दी गई है. इनमें से कुछ संस्थानों ने निर्माण कार्य शुरु कर दिया है. आइआइएम (भारतीय प्रबंध संस्थान) के भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है.




