
New Delhi: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व नेता प्रवीण तोगड़िया ने नए संगठन ‘अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद’ का गठन किया है. तोगड़िया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से नाराज होकर यह कदम उठाया है. पूर्व विहिप नेता ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी से जुड़े बड़ी संख्या में लोग चकित और परेशान हैं कि मोदी सरकार सैद्धांतिक, सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर कुछ करती नहीं दिखाई दी और कई मौकों पर यू-टर्न ले गई.
वीएचपी के 40 फीसदी कार्यकर्ता हमारे साथ- तोगड़िया
प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि सत्ता के लिए सिद्धांतों की बली देने वालों जनता कभी माफ नहीं करती. वीएचपी के आधे से ज्यादा कार्यकर्ता मौजूदा सरकार से नाराज हैं. राजनीतिक पार्टी के गठन के कयासों के बीच तोगड़िया ने कहा, ‘जो हमारी मांग पूरी करेगा, यह वोट बैंक उसी का समर्थन करेगा चाहे वह बीजेपी हो या कांग्रेस.’
उन्होंने सरकार से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून पारित कराने, गोवध पर प्रतिबंध लगाने और जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 को हटाने के साथ देश में यूनिफार्म सिविल कोड लागू कराने की मांग की.
वीएचपी की पूरी असम यूनिट तोगड़िया के साथ
असम के वीएचपी और बजरंग दल के अधिकांश कार्यकर्ता तोगड़िया के ‘अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद’ में शामिल हो गये हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान वीएचपी के ई जिलाध्यक्षों के भी तोगड़िया के साथ जा मिलने की खबर है.
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पीएम मोदी से खफा तोगड़िया
इससे पहले तोगड़िया ने मोदी सरकार के प्रदर्शन को माइनस 25 प्रतिशत की रेटिंग दी थी और कहा कि पीएम की विदेश नीति बेहद दयनीय है. तोगड़िया ने कहा कि बड़े सपने बेचना ही काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण काम की सत्यता पर आधारित था, जो अभी वास्तव में दिखाई देना बाकी है.
तोगड़िया ने 14 अप्रैल को तब विहिप का साथ छोड़ दिया था, जब संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए गुड़गांव में हुए चुनाव में उनके समर्थित उम्मीदवार राघव रेड्डी को हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल वीएस कोकजे ने हरा दिया था.
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