
NewDelhi : कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार के गिरने पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने लोकतंत्र के इतिहास में इसे काला अध्याय करार दिया है. कहा कि इसकी जितनी भी निंदा की जाये, कम है. इस संबंध में मायावती ने ट्वीट किया, कर्नाटक में भाजपा ने संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखने के साथ-साथ जिस प्रकार से सत्ता व धनबल का इस्तेमाल करके सरकार को गिराने का काम किया है वह भी लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा. इसकी जितनी भी निंदा की जाये वह कम है.
इससे पूर्व बसपा प्रमुख मायावती ने कर्नाटक में पार्टी के एकमात्र विधायक को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया. पार्टी ने कर्नाटक में विश्वास मत के दौरान अपने विधायक को कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में मत करने के लिए कहा था लेकिन विधायक कार्रवाई में शामिल नहीं हुए. इस कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया.
मुझे नहीं पता कि मुझे पार्टी से क्यों निकाला गया
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि बसपा विधायक एन महेश को कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में वोट डालने के निर्देश दिये गये थे. लेकिन, वह सदन से अनुपस्थित रहे. यह स्पष्ट तौर पर अनुशासनहीनता है और पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है. महेश को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है.
मायावती का यह ट्वीट कर्नाटक में कुमारस्वामी नीत कांग्रेस-जद (एस) सरकार के विश्वास मत हासिल नहीं कर पाने के कारण गिर जाने के कुछ ही देर बाद आया. हालांकि इस संबंध में विधायक एन महेश ने कहा कि मुझे ट्वीट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. कहा कि मुझे नहीं पता कि मुझे पार्टी से क्यों निकाला गया है. मुझे वोट से पहले परहेज करने के लिए कहा गया था. जान लें कि मंगलवार शाम विश्वास मत में कुमारस्वामी की सरकार छह मतों के अंतर से हार गयी. सरकार के पक्ष में 99 मत पड़े जबकि विरोध में 105. साथ ही वोटिंग के समय 20 विधायक सदन से गायब रहे.
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