लखनऊ: एक अंग्रेजी समाचार में छपी खबर के अनुसार, पार्टी ने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर से संपर्क कर उन्हें मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया है। गौरतलब है कि सचिन राज्य सभा में कांग्रेस सांसद हैं।
सचिन के मना करने के बाद माना जा रहा है कांग्रेस स्थानीय उम्मीदवार अजय राय को अपना समर्थन दे सकती है। वाराणसी में राय के एक लाख से ज्यादा समर्थक हैं। अंतिम बार कांग्रेस 2004 में हुए आम चुनावों में वाराणसी सीट जीत पाई थी जब उसका उम्मीदवार राजेश कुमार मिश्रा दो लाख से अधिक मत लेकर विजयी हुए थे। हालांकि, 2009 मे हुए चुनाव में मुरली मनोहर जोशी ने यह सीट जीतकर पुन: भाजपा के खाते में डाल दी थी। मिश्रा चौथे स्थान पर खिसक गए थे। तब राय समाजवादी पार्टी (सपा) में थे और वह तीसरे स्थान पर रहे थे।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला को मोदी के खिलाफ सचिन तेंदुलकर सहित किसी दमदार उम्मीदवार ढूंढने की जिम्मेदारी दी गई थी। हाल ही में भारत रत्न से सम्मानित इस क्रिकेटर ने हालांकि चुनाव लड़ने से मना कर दिया।
वहीं, वरिष्ठ पार्टी नेताओं का मानना है कि जाति समीकरणों के हिसाब से वाराणसी से किसी ब्राह्मण उम्मीदवार को टिकट दिया जाता है तो वह मोदी को कड़ी टक्कर दे सकता है। लेकिन, वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पार्टी हाई कमान से कहा है कि अगर पार्टी चाहे तो वह मोदी के खिलाफ खड़े हो सकते हैं।
मजे की बात है कि वर्ष 2003 में मध्य प्रदेश की मलहारा विधानसभा सीट से भाजपा की उमा भारती से चुनाव हारने के बाद दिग्गी ने कहा था कि वह दस साल तक कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे।




