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Ranchi, 01 October: इस्लामी इतिहास का टर्निंग प्वाइंट कही जाने वाली कर्बला की जंग और उसमें शहीद हुए इमाम हुसैन समेत 72 शहीदों की याद में रांची में शिया भाइयों ने मातमी जुलुस निकाला. जुलूस में नन्हे बच्चों को सीना पीटते देख बड़ों की आंखे भी नम थीं. गालों पर लुढक आये आंसू 6 माह के शहीद अली असग़र की श्रद्धांजलि ही थी, जिनकी मुलायम गर्दन पर यज़ीदी लश्कर का क्रूर नेजा आ लगा था, जबकि वो प्यास से निढाल थे. वहीं कर्बला के रेतीले दर्द को मर्सिया पढ़ने वाली टोली और शिद्दत दे रही थी. ये मंजर रविवार को निकाले गए मातमी जुलूस का था. विक्रांत चौक स्थित जफरिया मस्जिद से निकला ये जुलूस उर्दू लाइब्रेरी होते हुए टैक्सी स्टैंड पहुंचा, फिर कर्बला चौक स्थित कर्बला में जाकर खत्म हुआ.
तिरंगे के आगोश में बढ़ता रहा काफिला
मातम के मौहाल में भी देश प्रेम और भाईचारगी के मिठास घोल(जुलूस) में घुलती दिखाई दी. एक तरफ जुलूस में शामिल लोग हाथों से अपनी छाती पीटते हुए या या हुसैन, या हुसैन… का नारा लगा रहे थे, तो दूसरी तरफ उसी कंठ से हिंदुस्तान जिंदाबाद की गूज थी. जंजीरी मातम से लहु-लुहान लोग धीरे-धीरे तिरंगे के आगोश में बढ़ते गए. हाथों में अलम लिए लोग ‘राहे खुदा में कौन रोएगी हर्ष तक, आवाज जिस शहीद की गूजेगी हर्ष तक’ नोहा पढ़ते हुए बढ़ते गए. रांची में दूसरी बार मुहर्रम के मातमी जुलूस में तिरंगा झंडा निकाला गया. इस पर मौलाना तहजीबुल हसन ने कहा कि हिंदुस्तान से पैगंबर मोहम्मद सल्ल और उनके नवासे इमाम हुसैन दोनों को ही बहुत मोहब्बत थी. उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन भारत आना चाहते थे. मोहम्मद ने कहा कि सच्चा मुस्लिम वही है, जो अपने वतन से प्यार करता है.
हुसैन की शहादत से हमेशा-हमेशा के लिए जमाना रौशन हो गया…
इससे पहले जफरिया मस्जिद के इमाम ने मस्जिद परिसर में आयोजित मजलिस को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन अपने समेत भरे घर की कुर्बानी देकर जमाने को हमेशा-हमेशा के लिए रौशन कर दिया है. हुसैन की याद सिर्फ मुसलमान नहीं बल्कि हर मजहब के लोग मनाते हैं. उन्होंने कहा कि इमामे हुसैन की शहादत का असर इतना हुआ कि पत्थर भी याद में खून के आंसू रोने लगे. मौलान हसन ने कर्बला की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कर्बला के प्यासों की याद दिलाती है कि दुनिया में जब भी कहीं पानी पिलाया जाता है तो कर्बला की प्यास याद आती है.
जुलूस के स्वागत में लगे नेता और प्रशासन
मुहर्रम के मातमी जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया, वहीं इस दौरान प्रशासन के लोग और नेतागण भी लोगों के स्वागत में लगे रहे. इस मौके पर महानगर दुर्गा समिति के अध्यक्ष तिलक आजमानी, अजीत सहाय, रामधन बर्मन, सेंट्रल मुहर्रम कमेटी से एम सईद, अकिलुर्रहमान, सुहैल सईद, मंत्री सीपी सिंह, अल्पसंख्य आयोग के अध्यक्ष कमाल खान, खादी बोर्ड के चेयरमैन संजय सेठ, मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, डीसी मनोज कुमार, एसएसपी कुलदीप द्विवेदी, सिटी एसपी अमन कुमार, ट्रैफिक एसपी संजय कुमार सिंह, एडीएम गिरजा शंकर प्रसाद समेत सभी ने इस मातमी जुलूस को एकता का प्रतीक बताया.




