नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को संसदीय कार्यवाही को बाधित करने वाले सांसदों को दंडित करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में मांग की गई थी कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को बाधित करने वाले संसद सदस्यों का वेतन, अन्य सुविधाएं एवं विशेषाधिकार समाप्त करने का संबंधित संसद के पादधिकारी को निर्देश दिया जाए।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम और न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की खंडपीठ ने वकील सतीश चंद्रा द्वारा दायर की गई याचिका पर पूछा कि क्या न्यायालय लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा अध्यक्ष को संसद की कार्यवाही संचालित करने के लिए निर्देश दे सकता है?
प्रधान न्यायाधीश ने याचिका पर कोई भी निर्देश देने से इनकार कर दिया और कहा कि संविधान का उद्देश्य सभी सांविधानिक अंगों का अपनी-अपनी सीमा में संचालन सुनिश्चित करना है, और संविधान के अनुच्छेद 122 में यही भावना निहित है।




