रांची : राज्य सरकार के 28 विभागों के साथ हुई समीक्षा बैठक में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष शाहिद अख्तर ने कई तरह की खामियां पायी है। सबसे खास की राज्य सरकार केन्द्र की तरफ से माइनरिटी इन्फ्रास्टक्चर डेवलपमेंट योजना मद में दी जानेवाली करोड़ों रुपया का फायदा इस तबके तक नहीं पहुंच पाता। अब सभी विभाग तीन महीने बाद यानी दिसंबर (2013) में अपनी समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर आयोग को वस्तुस्थित बतायेंगे। वहीं इस्लामनगर के विस्थापितों को बसाने के लिए बनी योजना रिपोर्ट रांची डीसी बुधवार को आयोग के सुपुर्द करने वाले हैं।
सोमवार (23 सितंबर) को डीसी ऑफिस सभाकक्ष में आयोजित बैठक में पता चला कि स्पेशल पैकेज फोर क्वालिटी एजुकेशन टू माइनारिटीज (एसपीक्यूइएम) योजना का लाभ झारखंड़ में सिर्फ एक मदरसे को मिल सका है। मालूम हो कि देश के 20 राज्यों के चुने गये माइनरिटीज कन्सन्ट्रेटेड 60 जिलों में से छह झारखंड़ के हैं। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अध्यक्ष शाहिद अख्तर ने कहा कि शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य हर विभाग अल्पसंख्यकों के लिए बनी योजना का लाभ दिलाने में फेल रहा है। उन्होंने कहा कि कई खामियां पायी गयी हैं लेकिन अभी इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। आयोग ने विभागीय स्तर पर उन बिन्दुओं पर जवाब मांगा है। जवाब की समीक्षा के बाद बिन्दुओं को सार्वजनिक किया जायेगा।
इस्लाम नगर विस्थापितों के पुर्नवास के संबंध में उन्होंने कहा कि रांची डीसी दो दिनों बाद अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपने जा रहे हैं। उम्मीद है कि विस्थापितों को जल्द उसी जगह बसा दिया जायेगा जहां से सभी विस्थापित हुए थे। अख्तर ने बताया कि राज्य सूचना तकनीक विभाग से इस्लाम नगर में जमीन की मांग की गयी है। उम्मीद है कि विभाग हमारी इस मांग को भी पूरा करेगा। जिसके बाद विस्थापितों को वहां बसाने का काम शुरू हो जायेगा।




