
Ranchi : राज्य चुनाव आयोग द्वारा नगर निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखने के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी. इसकी सोमवार को सुनवाई हुई. इस पूरे प्रकरण में उच्च न्यायालय ने राज्य चुनाव आयोग एवं झारखंड सरकार से जवाब तलब किया है. उच्च न्यायालय ने कहा है कि राज्य चुनाव आयोग तथा झारखंड सरकार उच्च न्यायालय में इस मामले में 6 अप्रैल तक जवाब दाखिल करे कि क्यों और किस आधार पर आम आदमी पार्टी को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा गया है.
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दिल्ली में सरकार चला रही है आप
आम आदमी पार्टी की ओर से यह मांग की गयी है कि नगर निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी को भी राजनीतिक दलों की सूची में शामिल किया जाये. इस मामले में उच्च न्यायालय हस्तक्षेप करे, क्योंकि आम आदमी पार्टी भले ही झारखंड में मान्यता प्राप्त दल ना हो, पर यह देश के दो राज्यों दिल्ली तथा पंजाब में न सिर्फ मान्यता प्राप्त दल है, बल्कि दिल्ली विधानसभा में मुख्य सत्ताधारी पार्टी एवं पंजाब विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल है. इसके लोकसभा में चार एवं राज्यसभा में तीन सांसद हैं तथा पार्टी को गोवा विधानसभा चुनाव में 6℅ वोट मिले हैं.
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छह अप्रैल को फैसला लिया जायेगा
पिछले चार वर्षों से पार्टी झारखंड में काफी सक्रिय है. हर जिले में जिला स्तर और उसके नीचे पार्टी का सांगठनिक ढांचा बना हुआ है. तथा पार्टी का झारखंड में तेजी से विस्तार हो रहा है. ऐसी परिस्थिति में एक सक्रिय दल को चुनाव लड़ने से रोकना उसके प्रजातांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकार का हनन है. इस मसले पर उच्च न्यायालय ने कहा कि चुनाव आयोग एवं राज्य सरकार के जवाब के बाद इस पर आगामी छह अप्रैल को फैसला लिया जायेगा.
चुनाव में शामिल किये जाने का स्पष्ट प्रावधान है
नगर विकास विभाग के निर्देशानुसार तथा चुनाव आयोग के आदेशानुसार नगर निकाय चुनाव में फिलहाल तीन तरह के राजनीतिक दल हिस्सा ले सकते हैं. जिसमें राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त पार्टी, झारखंड में मान्यता प्राप्त पार्टी तथा झारखंड के किसी पते पर निबंधित राजनीतिक दल शामिल है. सूची में इन तीन तरह के राजनीतिक दलों के अलावे चौथे प्रकार के राजनीतिक दलों, अन्य राज्यों में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को शामिल नहीं किया गया है. देश के तमाम प्रदेशों में नगर निकाय चुनावों में जहां चुनाव दलीय आधार पर होते हैं, वहां दूसरे राज्यों की मान्यता प्राप्त पार्टी को अपने नाम और चुनाव चिन्ह पर चुनाव में शामिल होने को लेकर स्पष्ट प्रावधान है. भारतीय चुनाव आयोग की चिट्ठी में भी यह स्पष्ट कहा गया है कि दलीय आधार पर होने वाले निगम अथवा पंचायती राज के चुनाव में स्थानीय राज्य के मान्यता प्राप्त दलों के साथ साथ दूसरे राज्यों में मान्यता प्राप्त दलों को उनके चुनाव चिह्न दिये जायें.
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