
अपनी ही पार्टी के खिलाफ विवादित बयान देनेवाले मंत्री रणधीर सिंह को पार्टी द्वारा नोटिस जारी किया गया है. गौरतलब है कि 10 जनवरी को सारठ विधानसभा में कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित वन भोज में रणधीर सिंह ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ विवादित बयान देते हुए कहा था कि वह बीजेपी को तेल नहीं लगायेंगे. उल्टा बीजेपी हमें तेल लगायेगी. उन्होंने यह भी कहा कि हम जनता के लिए काम कर रहे हैं बीजेपी के लिए नहीं.
Ranchi: अपनी ही पार्टी के खिलाफ विवादित बयान देनेवाले मंत्री रणधीर सिंह को पार्टी द्वारा नोटिस जारी किया गया है. गौरतलब है कि 10 जनवरी को सारठ विधानसभा में कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित वन भोज में रणधीर सिंह ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ विवादित बयान देते हुए कहा था कि वह बीजेपी को तेल नहीं लगायेंगे. उल्टा बीजेपी हमें तेल लगायेगी. उन्होंने यह भी कहा कि हम जनता के लिए काम कर रहे हैं बीजेपी के लिए नहीं. पार्टी में हमारी बात नहीं सुनी जा रही. प्रभात खबर में छपी खबर के अनुसार रणधीर सिंह द्वारा पार्टी के खिलाफ दिये ऐसे बयान से बीजेपी के आलाकमान नाखुश हो गये और पार्टी ने उन्हें गलत बयानबाजी के कारण कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. मत्री रणधीर सिंह पर बीजेपी प्रदेश अध्याक्ष लक्ष्मण गिलुवा के निर्देश पर कार्रवाई की गयी है.
पहले भी कईयों पर कार्रवाई कर चुकी है पार्टी
इससे पहले बीजेपी ने अपनी पार्टी के अन्य कई लोगों को उनके बयान अथवा व्यवहार के कारण नोटिस जारी कर चुका है जिसमें सीमा शर्मा शिशिर ठाकुर, रवींद्र तिवारी हैं. पार्टी जयप्राकश वर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई करने का मन बना रही है. उल्लेखनीय है कि 10 दिसंबर को भाजपा की प्रांतीय बैठक में सीमा शर्मा को आपत्तिजनक आचरण व व्यवहार करने पर प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था. सोशल मीडिया के पूर्व संयोजक शिशिर ठाकुर को भी पार्टी निलंबित कर चुकी है. सोशल मीडिया पर ही संगठन व सरकार के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने को लेकर पलामू के भाजपा नेता रवींद्र तिवारी को भी निलंबित किया गया था.
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पार्टी की कार्रवाई के लेपेटे में आ सकते हैं विधायक जय प्रकाश वर्मा
गांडेय विधायक जयप्रकाश वर्मा के खिलाफ भी पार्टी द्वारा नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है. गांडेय विधायक जय प्रकाश वर्मा ने छह जनवरी को नगंवा में कुशवाहा समाज के सम्मेलन में सरकार की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि पार्टी में सांसदों, विधायकों की बात नहीं सुनी जाती है. सीएम अपनी ही पार्टी के सांसद, मंत्री व विधायकों की बात नहीं सुनते हैं. कोई उनसे खुश नहीं है. उन्होंने कहा था कि आवाज उठानेवालों को दबा दिया जाता है.
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