
Uday Chandra
New Delhi : सम्मेद शिखर को लेकर उपजे विवाद के बीच जैन मुनि सुज्ञयसागर का जयपुर में निधन हो गया है. जैन मुनि सुज्ञयसागर सम्मेद शिखर को बचाने के लिए नौ दिनों से जयपुर के सांगानेर स्थित जैन समाज के मंदिर में आमरण अनशन पर थे. उनके प्राण त्यागने के बाद यह विवाद और गहरा गया है.मुनि सुज्ञयसागर को सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी गई. वे 72 साल के थे.
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सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के बाद से मुनि ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था. मुनीश्री सम्मेद शिखर से भी जुड़े हुए थे. उल्लेखनीय है कि झारखंड के गिरिडीह जिले में अवस्थित पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है. पारसनाथ पहाड़ी दुनिया भर के जैन धर्मावलंबियों के बीच सर्वोच्च तीर्थ सम्मेद शिखरजी के रूप में विख्यात है. मुनि सुज्ञयसागर के प्राण त्यागने के बाद अब मुनि समर्थ सागर ने भी अन्न का त्याग कर तीर्थ को बचाने के लिए पहल की है.




