
New Delhi : पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश हुए और उनसे करीब 11 घंटे तक पूछताछ की गयी. उल्लेखनीय है कि ईडी ने कार्ति को इस मामले के जांच अधिकारी (आईओ) के समक्ष गुरुवार को पेश होने का समन भेजा था.
धनशोधन विरोधी कानून के तहत रिकॉर्ड किया गया कार्ति का बयान
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कार्ति से इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर कई सवाल किये गये और धनशोधन विरोधी कानून के तहत उनका बयान रिकॉर्ड किया गया. वह गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे और रात 10:30 बजे के बाद कार्यालय से बाहर निकले. पूछताछ के बाद कार्ति ने कहा कि जो मैं अदालत में दायर याचिकाओं में कहता आया हूं वही बात इस पूछताछ में भी कही है. ऐसे सवाल थे जो टाइप किए हुए थे ऐसे में समय लग गया. इससे पहले के दो मौकों पर उनके अधिकृत प्रतिनिधि ने आईओ से मुलाकात की थी . इसके बाद केन्द्रीय जांच एजेंसी ने उनसे खुद पेश होने को कहा था.
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2017 के मई में कार्ति और अन्य के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
गौरतलब है कि जांच एजेंसी ने पिछले वर्ष मई में उनके और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था. एजेंसी ने सीबीआई की शिकायत के नामजद आरोपियों के खिलाफ ईसीआईआर दर्ज की. प्रवर्तन निदेशालय की ईसीआईआर पुलिस की प्राथमिकी के समकक्ष होती है. ईडी की ईसीआईआर में कार्ति, आईएनएक्स मीडिया और इसके निदेशकों पीटर तथा इंद्राणी मुखर्जी शामिल है. सीबीआई की शिकायत में भी इन आरोपियों के नाम हैं. धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के अनुसार, ईसीआईआर दर्ज की गई थी.
कार्ति पर क्या है आरोप
इससे पहले सीबीआई ने जांच के सिलसिले में चार शहरों में कार्ति के घरों तथा कार्यालयों में तलाशी ली थी. कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने कर संबंधी जांच से बचने के लिए पीटर तथा इंद्राणी मुखर्जी के स्वामित्व वाली एक मीडिया कंपनी से कथित तौर पर धन लिया था. कार्ति और उनके पिता ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इंकार किया है.
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