
allahabad : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन्नाव बलात्कार मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार करने का आदेश शुक्रवार को सीबीआई के जांच अधिकारी को दिया. मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी द्वारा लिखे पत्र पर यह आदेश दिया; इससे पहले अदालत ने इस पत्र का संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका में तब्दील कर इस मामले पर सुनवाई शुरू की थी. राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि विधायक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है. अदालत को सूचित किया गया कि इस मामले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली है. इस पर अदालत ने सीबीआई को कानून के अनुसार सख्ती से जांच करने और बलात्कार के इस मामले में जमानत पाये अन्य आरोपियों की जमानत रद्द करने के लिए आवेदन दाखिल करने पर विचार करने का निर्देश दिया.
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अदालत ने सीबीआई को दो मई को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया
अदालत ने सीबीआई को दो मई, 2018 को सुबह दस बजे तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया. इस मामले में अब दो मई को आगे सुनवाई होगी. अदालत ने गुरुवार को महाधिवक्ता से पूछा था कि क्या राज्य सरकार ने बलात्कार के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार करने का प्रस्ताव किया है. इस पर महाधिवक्ता ने जवाब दिया था कि वह इस संबंध में कोई बयान देने की स्थिति में नहीं हैं और पुलिस शिकायतकर्ता एवं गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद ही कानून के मुताबिक अपना काम करेगी. गौरतलब है कि कथित सामूहिक बलात्कार और पीडि़ता के पिता की हिरासत में मृत्यु होने की घटना के बाद बढ़ते आक्रोष को देखते हुये राज्य सरकार ने इसकी जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी थी. जांच ब्यूरो ने इस समूचे घटनाक्रम के सिलसिले में जांच शुरू करने के साथ ही भाजपा विधायक सेंगर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था.
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