
jorhat: भारतीय वायुसेना के लिए गुरुवार का दिन अत्यंत दुखद रहा. असम में माजुली द्वीप के सुमोयमारी चापोरी इलाके में भारतीय वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसमें माइक्रोलाइट हेलिकॉप्टर में सवार दो पायलट मारे गये. पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि रक्षा विभाग और वायुसेना के जवान माजुली से होकर गुजर रहे थे, जब यह दुर्घटना हुई.
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तकनीकी दिक्कतों के कारण दुर्घटना की बात आयी सामने
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट में तकनीकी दिक्कतों के कारण दुर्घटना होने की बात सामने आयी है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने दोपहर बाद तकरीबन डेढ़ बजे जोरहट (असम) के रॉविराह हवाई अड्डे से अरुणाचल प्रदेश के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित माजुली द्वीप पर दुर्घटना का शिकार हो गया. माइक्रोलाइट हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल आमतौर पर जवानों और लाने ले जाने और निगरानी में किया जाता है.
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पिछले साल भी सेना का एक हेलिकॉप्टर हो गया था क्रैश
अरुणाचल प्रदेश में पिछले साल अक्टूबर में वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था. इसमें सेना के सात जवानों की मौत हो गई थी. वह रूस निर्मित एमआई-17 श्रेणी का हेलिकॉप्टर था. चीन की सीमा से लगते तवांग जिले में दुर्घटना होने के कारण इसको लेकर कई सवाल उठने लगे थे. वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने तवांग के समीर खिरमू से उड़ान भर कर यांगस्ते जा रहा था. इसमें विंग कमांडर से लेकर स्क्वाड्रन लीडर तक को जान गंवानी पड़ी थी. वायुसेना और सेना के सभी जवानों के शव बरामद कर लिए गए थे. सेना एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टर (एमआई-8 एमटीवी5 का भारतीय संस्करण) का इस्तेमाल ट्रांसपोर्टेशन के लिए करती है. इसका उत्पादन रूसी कंपनी कजान हेलिकॉप्टर्स करती है. एमआई-17 13,000 किलोग्राम तक के वजन के साथ उड़ान भरने में सक्षम है. इसके जरिये एक बार में 36 जवानों को कहीं भी लाया या ले जाया जा सकता है.
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