
New Delhi : सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक की ब्राडी हाउस शाखा द्वारा चंद्री पेपर्स और एलायड प्रोडक्टस को नौ करोड़ रुपये का गारंटी पत्र फर्जी तरीके से जारी किये जाने के संबंध में नयी प्राथमिकी दर्ज की है. गौरतलब है कि बैंक की यह शाखा अरबपति व्यापारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की धोखाधड़ी मामले को लेकर पहले से विवादों में है. और एजेंसी पहले से नीरव- चोकसी मामले में दोनों की जांच कर रही है.
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शाखा के एकल खिड़की संचालक मनोज करात भी नामजद
अधिकारियों ने बताया कि पीएनबी कर्मचारी गोकुलनाथ शेट्टी और शाखा के एकल खिड़की संचालक मनोज करात को सीबीआई ने अपनी ताजा प्राथमिकी में नामजद किया है. उन्होंने बताया कि एजेंसी ने कंपनी और उसके निदेशकों को भी नामजद किया है. सूत्रों ने बताया कि नौ मार्च को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद उसने कई परिसरों की तलाशी ली है.
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क्या है मामला
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि31 मई, 2017 को सेवानिवृत्त होने वाले शेट्टी और करात ने कंपनी के निदेशकों आदित्य रासिवसिया और ईश्वरदास अग्रवाल के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा. उन्होंने कहा कि एजेंसी का आरोप है कि सार्वजनिक बैंक को धोखा देने की साजिश के तहत उन्होंने 14 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि के दो गारंटी पत्र जारी करवाये. 64 रुपये प्रति डॉलर के हिसाब से इसकी कीमत कुल9.09 करोड़ रुपये होती है. यह राशि बेल्जियम स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में देय थी. इन गारंटी पत्र के भुगतान की तिथि 20 जनवरी, 2020 थी.
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