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New Delhi, 09 September : सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा आदेश में कहा है कि कोई भी नर्सिंग होम या अस्पताल बगैर ICU के सर्जरी या ऑपरेशन नहीं कर सकता. बिना ICU मरोजों की जान पर खतरा बना रहता है. बिजोय कुमार सिन्हा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने यह फैसला सुनाया है. बिजोय कुमार सिन्हा की पत्नी की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी. कोलकाता के आशुतोष नर्सिंग होम में डॉ. बिश्वनाथ ने बगैर ICU सुविधा के ही उनका ऑपरेशन कर दिया था.
बिना ICU पीड़ित की पत्नी का कर दिया था ऑपरेशन, चली गई थी जान
इस मामले में सुनवाई 23 साल से चल रही थी. अपनी पत्नी को न्याय दिलाने के लिए लम्बी लड़ाई लड़नेवाले बिजोय कुमार सिन्हा तो अब इस दुनिया में नहीं रहे, मगर कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है. इससे चिकित्सकीय लापरवाही और निजी नर्सिंग होम्स और डॉक्टरों की मनमानी पर भी रोक लगेगी. बशर्ते सरकार और प्रशासन इस फैलसे को कठोरता से लागू करायें.
पिता की मौत के बाद बेटे ने लड़ी न्याय की लड़ाई
बिजोय कुमार सिन्हा की मृत्यु के बाद उनके बेटे सौमिक ने अपनी मां को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ी. कोर्ट में सुनवाई चलती रही मगर पीड़ित परिवार ने हार नहीं माना. आदर्श कुमार गोएल और यूयू ललित की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम और कानूनों के दायरों का भी विश्लेषण किया. कहा कि उपभोक्ता अधिकार संरक्षण कानून लोगों की सुविधा और सेवादाताओं की मनमानी पर लगाम कसने के लिए लाया गया था. सेवादाताओं को इस तरह उपभोक्ताओं की जान से खिलवाड़ की इजाजत नहीं दी जा सकती. पीड़ित की पत्नी का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक डॉ. बिश्वनाथ पर सप्रीम कोर्ट ने 5 लाख का अर्थदंड भी लगाया जो पीड़ित के परिवार को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा.




