चंडीगढ़: हरियाणा में कांग्रेस के नेताओं पर अपनी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की सीख या आदेश का कोई असर होता नहीं दिख रहा है। गुटबाजी से आक्रांत हरियाणा कांग्रेस के नेताओं को पार्टी के शिखर नेतृत्व ने एक दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक विष वमन करना रोकने के लिए कहा था। लेकिन राज्य में जो कुछ घटित हो रहा है वह इसके ठीक विपरीत जा रहा है।
एक तरफ जहां मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थक तलवारें लेकर खड़े हो गए हैं, वहीं दूसरी तरफ असंतुष्ट भी उसी मुद्रा को अपनाए हुए हैं।
गुटबाजी की लड़ाई की सबसे ताजा कड़ी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूल चंद मुल्लाना का अंबाला से सांसद और केंद्रीय गरीबी उन्मूलन एवं आधिकारिकता मंत्री शैलजा के खिलाफ किया गया जोरदार हमला है। मजेदार बात यह है कि एक दिन पहले मुल्लाना ने ही हुड्डा सरकार और आपस की तू-तू, मैं-मैं बंद करने की नसीहत दी थी।
शैलजा हुड्डा सरकार की प्रबल आलोचकों में से एक हैं और कांग्रेस के भीतर वे मुख्यमंत्री के असंतुष्ट गुट में शिखर पर विराजमान हैं। शैलजा को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का विश्वास पात्र माना जाता है।
हुड्डा से असंतुष्ट नेताओं की सूची में अन्य प्रमुख नाम के रूप में राज्यसभा सदस्य बिरेंद्र सिंह और गुड़गांव से लोकसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री इंदरजीत सिंह शामिल हैं।
अगले वर्ष के शुरू में आम चुनाव और उसी वर्ष अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कांग्रेस की ताकत दिखाने के लिए गोहाना में आयोजित रैली में शैलजा, बिरेंद्र सिंह और इंदरजीत सिंह शामिल नहीं हुए थे।




