
NewDelhi: सुप्रीम कोर्ट में दूसरे नबंर के वरिष्ठतम न्यायाधीश जे चेलमेश्वर ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को चिट्ठी लिखकर उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के एम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में लाए जाने की मांग की है. चीफ जस्टिस के साथ-साथ उन्होंने ये चिट्ठी तीन अन्य सीनियर जजों को भी भेजी है. बता दें कि कॉलेजियम ने के एम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र ने पुनर्विचार के लिए लौटा दिया था. चिट्ठी में चेलमेश्वर ने पांचों जजों से जल्द ही दुबारा बैठक की अपील करते हुए उन्हें के एम जोसेफ को फिर से सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने की सिफारिश करने के लिए कहा है.
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खबरों के मुताबिक, उन्होंने अपनी चिट्ठी में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के हर उस सवाल का जवाब दिया है, जिसका जिक्र करते हुए केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की उस सिफारिश को पुनर्विचार के लिए लौटा दिया था, जिसमें उत्तराखंड के चीफ जस्टिस के एम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने की सिफारिश की गई थी. चेलमेश्वर ने कहा है कि कॉलेजियम में शामिल पांच वरिष्ठ जजों को फिर से जोसेफ के नाम को केंद्र को भेजे जाने की अपील की है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की दलीलों को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस के नाम लिखे पत्र में उन्होंने फिर जोर दिया है कि कोलेजियम अपनी सिफारिश पर कायम रहते हुए दोबारा जस्टिस जोसेफ का नाम केंद्र सरकार को भेजे.
गौरतलब है कि 8 मई को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ को प्रोन्नत करने की अनुशंसा पर फिर से विचार के लिए होने वाली उच्चतम न्यायालय के कोलेजियम की बैठक नहीं हुई. हालांकि, बैठक के बुधवार को होने के कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन यह चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर था कि वह इसके लिए क्या तारीख तय करेंगे और फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
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बता दें कि केंद्र ने पिछले दिनों जस्टिस जोसेफ का नाम वापिस भेज दिया था जिसके लेकर काफी विवाद खड़ा हुआ था. वही केंद्र सरकार ने कहा है कि जस्टिस जोसेफ के नाम को खारिज करने के फैसले का पिछले वर्ष उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन रद्द करने के उनके फैसले से कुछ लेना-देना नहीं है.
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