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होटल संचालक हेमंत सरकार से लगा रहे गुहार, कहा- अन्य की तरह उन्हें भी दी जाये रियायत

Ranchi : दो महीने की लॉकडाउन की अवधि में राजधानी के होटल संचालकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा है. आर्थिक मार तो विशेष रूप से इस क्षेत्र में काम कर रहे लोगों पर पड़ी है. परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ठप है. इससे टूरिस्ट इन होटलों में नहीं आ पा रहे हैं. ऐसे में राजधानी के होटल संचालकों ने सरकार से औरों की तरह उन्हें भी रियायत देने की मांग की है.

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राजधानी के स्टेशन रोड स्थित दो बड़े होटल “होटल बीना इन, होटल अमृत” के संचालकों से उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर न्यूज विंग ने बातचीत की. संचालकों ने संवाददाता को बताया कि कैसे इन दो माह की अवधि में उन्हें परेशानी आयी है.

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कस्टमर्स और स्टॉफों को तो दी सुविधा, लेकिन हमें नहीं मिली कोई मदद

‘होटल बीना इन’ के संचालक संतोष सिंह ने बताया है कि लॉकडाउन जैसी स्थिति की कल्पना किसी ने नहीं की थी. अचानक 23 मार्च को लगे लॉकडाउन का असर यह हुआ कि होटल में कई स्टॉफ या कस्टमर्स फंस कर रहे गये. इनकी जैसी स्थिति थी, उसे देख होटल संचालकों ने कस्टमर्स और स्टॉफों को हर तरह की सेवाएं दीं. बाद में जैसे-जैसे कुछ छुट मिली तो आवश्यक कागजात बनाकर इन्हें घर भेजा गया.

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उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के पहले होटल में हर दिन 60 प्रतिशत कस्टममर्स आते थे. लॉकडाउन के कारण इनका आना बंद ही हो गया. ऐसे में इनकम पूरी तरह से ठहर गया. लेकिन होटल चलाने के लिए जो नियम होते हैं, उसका तो पेमेंट किया ही जाएगा. इसमें होल्डिंग टैक्स, कॉर्मिशियल टैक्स शामिल है.

केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत इन दो माह की अवधि में किसी भी स्टाफ का वेतन नहीं काटना है. इसी तरह स्टॉफों के ईएसआई, पीएफ भी भुगतान उन्हें करना ही होगा. देखा जाये तो, लॉकडाउन के बाद की सारी परेशानी इन्हीं संचालकों पर पड़ी है. लेकिन इतना होने के बाद भी किसी से हमें कोई मदद नहीं मिली.

जबतक ट्रेनों का नहीं होगा परिचालन, नहीं हो सकेगा बिजनेस

होटल अमृत के सुदीप सिंह ने भी कमोबेश इसी तरह की परेशानियों की बात की. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण सभी होटलों का इनकम पूरी तरह से जीरो है. उनके होटल में कुल 35 कमरे हैं. कमरों का किराया करीब 1000 से 2000 के बीच का है. लेकिन दो माह से इसका उपयोग नहीं हुआ है. ऐसे में हम संचालकों की उम्मीदें अब सरकार या प्रशासन पर टिकी है.

उन्होंने अपील कर कहा कि बिजली बिल, होल्डिंग टैक्स में कमी करने पर सरकार ध्यान दें. इससे होटल संचालकों को थोड़ी सहुलियत मिलेगी. 31 मई के बाद अगर लॉकडाउन खुलता है, तो परिस्थिति के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब तक पूरी तरह से ट्रेनों का परिचालन नहीं होगा, तबतक होटल में बिजनेस शुरू नहीं सकेगा. सरकार या प्रशासन को चाहिए कि इस दिशा में कुछ पहल करें.

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