रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि उन्नत मानव का निर्माण विद्यालयों में ही होता है। इसलिए नवनियुक्त शिक्षक पूरी लगन के साथ राज्य के विद्यार्थियों को शिक्षित करें। उक्त बातें उन्होंने बृहस्पतिवार को स्थानीय नामकुम स्थित झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) सभागार में नव उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटने के दौरान कही। इस सादे कार्यक्रम में 1679 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम से पहले पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि स्वरूप दो मिनट का मौन रखा गया।
बाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में ज्ञान आधारित समाज की पूछ होती है। नए युवा शिक्षकों से अपेक्षा है कि वे राज्य के विधार्थियों का ज्ञान समृद्ध करेंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जिक्र करते हुए कहा कि जिस दिन वे सुपुर्देखाक हो रहे हैं, उस दिन से हमारे नव नियुक्त शिक्षक अपने कैरियर की शुरूआत कर रहे हैं। कलाम साहब एक शिक्षक के रूप में अपने जीवन को सार्थक मानते थे। युवा शिक्षकों को कलाम साहब की सादगी, ओजस्विता और नैतिक मूल्यों को सदा ध्यान में रखकर अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों को भावी जीवन की शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे चारित्रिक शुचिता की मिसाल पेश करें ताकि बच्चे उनसे प्रेरणा लें और समाज को भी उनके गुणों से फायदा मिले।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु और शिष्य का संबंध पुरातन युग से ही देवतुल्य रहा है। बाजारीकरण के बाद इस संबंध का भी व्यवसायीकरण हुआ है। इससे देश की शिक्षा व्यवस्था का प्रभावित होना स्वाभाविक है, परंतु आज नियुक्त हुए शिक्षक गुरु शिष्य परंपरा को मूर्त रूप देते हुए अपने शिष्यों को बेहतर ज्ञान दें ताकि वे देश के भावी नागरिक के तौर पर अपनी भूमिका निभाने में सफल हो सकें। शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक कुरीतियों के साथ-साथ भ्रष्टाचार से भी निजात मिल सकता है। अपनी सकारात्मक ऊर्जा को शैक्षणिक कार्यों में लगाकर वे एक बेहतर समाज और एक बेहतर झारखंड के निर्माण में सहभागी बनें।
श्री दास ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार सभी संसाधन उपलब्ध करा रही है। राज्य के किसी भी विद्यालय में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। शिक्षा परिवर्तन का माध्यम है, अतः शिक्षक पूरी ईमानदारी के साथ बदलाव के वाहक बनें। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति सरकार की वचनबद्धता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षण पद्धति को अपना कर राज्य के छात्र-छात्राओं को इस प्रकार से शिक्षित करें कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में झारखण्ड के बच्चे अपनी मुकाम हासिल कर सकें।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री डॉ नीरा यादव ने कहा कि शिक्षक कभी रिटायर नहीं होते हैं। नवनियुक्त शिक्षकों से उन्होंने कहा कि वे राज्य के स्कूली बच्चों का भविष्य गढ़ें। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव आराधना पटनायक ने कहा कि यह वर्ष गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर केंद्रित है। इसमें एकमात्र शिक्षकों की ही भूमिका है। नवनियुक्त शिक्षक राज्य के सुदूर इलाकों में स्थित शिक्षा के मंदिरों में ज्ञान का दीपक जलाएं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ मनीष रंजन ने शिक्षकों से कहा कि उन्हें समाज के लिए रोल मॉडल बनना है।
(सूजसवि)




