
Subhash Shekhar
Ranchi: निजि क्षेत्रों में 25 हजार से ज्यादा नौकरी दिलाने के नाम पर झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी ने खूब वाहवाही लूटी. 10 मार्च 2018 को स्कॉच अवार्ड भी मिला. वहीं दूसरी ओर इस उपलब्धि को बनाये रखने में सरकार और एजेंसियों के पसीने छूट रहे हैं. चौकाने वाले तथ्य ये हैं कि युवा कौशल विकास केंद्र में ट्रेनिंग लेने को तैयार नहीं हो रहे हैं. इसके लिए एजेंसियों और कंपनियों को मशक्कत करनी पड़ रही है.
26,674 युवाओं में 10658 ही नौकरी पर
झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी निदेशक रविरंजन ने बताया है कि स्किल समिट 2018 के दौरान 26674 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया गया, जिसमें से 10658 लोग अभी नौकरी पर हैं. यानी जिन्हें नियुक्ति पत्र दिया गया, उनमें से दो तिहाई से अधिक युवाओं ने नौकरी ज्वाइन नहीं किया. उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में एक लाख 2 हजार 93 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया. उनमें से 48 हजार युवाओं को नौकरी दी गई.
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ट्रेनिंग के लिए एजेंसियों को नहीं मिल रहे युवा
रांची के मोरहाबादी मैदान में 12 जनवरी 2018 को आयोजित ‘स्किल समिट 2018‘ के बाद दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण देने के लिए ट्रेनिंग देने वाली कंपनियों और एजेंसियों को ट्रेनिंग लेने वाले युवा नहीं मिल रहे हैं. ट्रेनिंग देने वाली कंपनियों के एजेंट और अधिकारी झारखंड के विभिन्न जिलों के ग्रामीण इलाकों में युवाओं से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें ट्रेनिंग लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं.
ट्रेनिंग में सभी सुविधाएं फ्री होने के बावजूद नहीं आना चाह रहे युवा
कंपनी के रिलेशनशिप मैनेजर नईम अख्तर ने बताया कि ‘हम अपने संस्थान में युवाओं का खास खयाल रखते हुए उन्हें हुनरमंद बनाते हैं. यहां ट्रेनिंग के दौरान फ्री में खाना-पीना, रहना, ड्रेस देते हैं. इसके बाद सभी को औसतन 10-12 हजार महीने का पैकेज मिलता है. इसके बावजूद युवा ट्रेनिंग सेंटर तक आने को तैयार नहीं हैं.
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प्लेसमेंट एजेंसियों की डिमांड पूरी नहीं कर पा रही ट्रेनिंग एजेंसियां
रिलेशनशिप मैनेजर करूणा मिश्रा ने बताया कि ‘हमारी कंपनी में कुल 600 युवाओं को ट्रेनिंग देने की क्षमता है, अभी करीब 480 युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है. ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं में लगातार कमी आ रही है, लेकिन इसके लिए हम लगातार मेहनत कर रहे हैं.‘ उन्होंने बताया कि ‘प्लेसमेंट कंपनियों की ओर से हर तीन महीने में 800 प्रशिक्षित युवाओं की मांग की जा रही है. उनकी इस मांग को हम पूरा नहीं कर पा रहे हैं.‘
2022 तक 20 लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य
अक्टूबर 2017 को सीएम रघुवर दास ने घोषणा की थी कि कौशल विकास योजना के तहत 20 लाख युवाओं को 2022 तक नौकरी मिलेगी. शुरूआत में 25 हजार युवाओं को नौकरी देने के लक्ष्य को पार करते हुए 26674 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया गया था. बता दें कि कौशल विकास योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है. इस योजना को अमली जामा पहनाने में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के लिए कई चुनौतियां भी सामने हैं.
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