
Pravin Kumar/Kumar Gaurav
Ranchi: हर किसी का एक सपना होता है. सपनों के पंख को फैलाकर हवा में उड़ने की सबों की चाहत होती है. अगर पांच सौ लोगों का रिजल्ट 22 सालों से पेडिंग हो तो आप समझ सकते हैं कि कितने अरमान और सपनों पर जंग लग चुका होगा. अब भी ऐसे कई लोग हैं जो अब तक अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. इस मामले को लेकर अवधेश कुमार सिंह अपने और अपने साथियों के लिए पिछले 22 सालों से लड़ाई लड़ रहे हैं. इनको इनका हक देने के लिए हाईकोर्ट और मुख्यमंत्री जनसंवाद ने भी आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन अब तक 22 वर्ष पुराना रिजल्ट भी जारी करा पाने में सरकार और यूनिवर्सिटी नाकाम है.
क्या है मामला
भीष्म नरायण सिंह लॉ कॉलेज डाल्टनगंज पलामू के सत्र 1989-90, 1990-91, के एलएलबी पार्ट टू और पार्ट 3 का परीक्षाफल प्रकाशित नहीं किया गया है. इसे प्रकाशित करने के लिए हाईकोर्ट रांची बेंच, हाईकोर्ट पटना बेंच के निर्देश पर पत्रांक 2119, दिनांक 23 दिसंबर 1998 के तहत संबद्धता प्रदान की गई थी. गौरतलब है कि संबद्धता प्राप्त नहीं होने के कारण रांची यूनिवर्सिटी के सभी लॉ कॉलेजों के परिणाम रोक दिए गए थे, पर कुछ दिनों के बाद सभी को रिजल्ट जारी कर दिया गया. लेकिन 22 साल बीत जाने के बाद भी भीष्म नरायण सिंह कॉलेज के उस सत्र के छात्रों का रिजल्ट अब तक पेंडिंग है. इस मामले में सभी जांच हो जाने के बाद 2005 में झारखंड सरकार ने रिजल्ट निकालने के आदेश दिए थे. फिर भी मामले को हल नहीं किया गया.
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कोर्ट का आदेश भी नहीं मनता शिक्षा विभाग
उपरोक्त मामले में 23 दिसंबर 1998 को उच्च न्यायालय रांची बेंच ने आदेश जारी कर कहा कि छात्रों का परीक्षाफल प्रकाशित किया जाये, जिसका पत्रांक संख्या 2119 था. अब तक शिक्षा विभाग के अधिकारी कोर्ट के आदेश को भी दरकिनार करते हुए छात्रों का परीक्षाफल प्रकाशित कराने की पहल नहीं कर रहे. मामला यहां तक ही नहीं. मुख्यमंत्री के जनसंवाद केंद्र में 18 नवंबर 2016 को पूरे मामले को रखा गया. जब इस पर किसी तरह की कोई कार्रवाही नहीं हुई तो दोबारा इस मामले को 18 जनवरी 2017 को मुख्यमंत्री के मौजूदगी में रखा गया.
उच्च तकनीकी शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह मामले में कर रहे टालमटोल
इस मामले को लेकर 55 वर्षीय अवधेश कुमार सिंह जनसंवाद के आदेश जारी होने के बाद से उच्च शिक्षा तकनीकी एवं कौशल विकास विभाग के चक्कर काट रहे हैं. इन दो सालों में अवधेश कुमार सिंह करीब 25 से 30 बार उच्च तकनीकी शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन आज तक इनके मामले पर सुनवाई नहीं हो पाई है. ये बताते हैं कि शुरुआती दिनों में विभाग सर्पोटिव था. अधिकारी कहते थे की जल्द ही आपके मामले का निपटारा कर दिया जाएगा, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी आश्वासनों से ही काम चलाना पड़ रहा है. दो साल से लगातार शिक्षा सचिव से मिल रहे हैं पर अब तक यह मामला नहीं निपटा.
यूनिवर्सिटी को सरकार के आदेश का है इंतजार
इस मामले को बताते हुए अवधेश कुमार सिंह की आंखें भर आती है. वे कहते हैं कि विवि वाले कहते हैं कि राज्य सरकार अगर निर्देश दे देती है तो तुरंत रिजल्ट प्रकाशित कर दिया जाएगा. मामले में कहां पेंच आया इसकी जानकारी मांगने पर वे कहते हैं कि विवि प्रशासन सचिव साहब को गुमराह करता रहा है. इस वजह से मामला अब तक लंबित है. अगर रिजल्ट प्रकाशित हो जाता है तो करीब 500 छात्र लाभान्वित होंगे.
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