
Ranchi : एक तरफ कुरमी समुदाय के लोग अनुसूचित जनजाति में शामिल होने के लिए आंदोलन कर रहे हैं. दूसरी तरफ अनुसूचित जनजाति इस मांग के विरोध में आंदोलन कर रहा है. सरकार का इस मामले में अभी तक किसी तरह का कोई ठोस बयान नहीं आया है. इस बीच बीजेपी पार्टी के अनुसूचित जनजाति के प्रदेश अध्यक्ष और खिजरी के विधायक रामकुमार पाहन ने सीएम को एक चिट्ठी लिखी है. 23 अप्रैल की अपनी इस चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि झारखंड राज्य के कुरमी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए.
Ranchi : एक तरफ कुरमी समुदाय के लोग अनुसूचित जनजाति में शामिल होने के लिए आंदोलन कर रहे हैं. दूसरी तरफ अनुसूचित जनजाति इस मांग के विरोध में आंदोलन कर रहा है. सरकार का इस मामले में अभी तक किसी तरह का कोई ठोस बयान नहीं आया है. इस बीच बीजेपी पार्टी के अनुसूचित जनजाति के प्रदेश अध्यक्ष और खिजरी के विधायक रामकुमार पाहन ने सीएम को एक चिट्ठी लिखी है. 23 अप्रैल की अपनी इस चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि झारखंड राज्य के कुरमी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए.
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क्या लिखा है चिट्ठी में
बीजेपी के अनुसूचित जनजाति के प्रदेश अध्यक्ष और खिजरी विधायक रामकुमार पाहन ने कहा है कि कुरमी जाति को सूची में शामिल करने के लिए आठ फरवरी को राज्य के 42 विधायकों के आवेदन को समर्थन करते हुए मैं भी अपने को शामिल करता हूं. कहा है कि अनुरोध है कि झारखंड राज्य के कुरमी जाति को भारतीय संविधान की अनुच्छेद 342 के तहत अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किया जाए.
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वोट की राजनीति कर रहे हैं रामकुमार पाहनः संजय पाहन, जयस प्रभारी झारखंड
संजय पाहन ने रामकुमार पाहन की इस चिट्ठी का विरोध किया है. न्यूज विंग से बात करते हुए संजय पाहन ने कहा है कि ये कुछ नहीं सिर्फ वोट की राजनीति है. आदिवासी बनने के मापदंड भारत सरकार ने तय कर रखा है. जिसमें कुरमी और तेली मापदंड के अनुरूप नहीं आते हैं. सभी राजनीतिक दल इस बात को मुद्दा बनाकर वोट की राजनीति कर रहे हैं.
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