
Beijing: हांगकांग में चीन का दखल बढ़ता ही जा रहा है. चीन ने हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को पास किया है, जिसका हांगकांग में जमकर विरोध हो रहा है. कानून के विरोध में लोग सड़क पर उतर गए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं.
इस बीच अब यूरोपियन यूनियन की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है. यूरोपियन यूनियन ने साफ-साफ कहा है कि यदि चीन ने हांगकांग में विवादास्पद सुरक्षा कानून लागू किया तो वह उसके खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट जाएगा.
EU ने विवादास्पद कानून को लेकर जताई चिंता
यूरोपियन यूनियन ने इससे पहले भी चीन की ओर से लाए गए विवादास्पद सुरक्षा कानून को लेकर गंभीर चिंता जता चुकी है. लोकतंत्र समर्थकों, राजनयिकों और तमाम कारोबारियों ने एक स्वर में कहा है कि यदि यह कानून लागू हुआ तो इससे हांगकांग के अर्धस्वायत्त दर्जे और वैश्विक वित्तीय केंद्र की भूमिका खतरे में पड़ जाएगी.
गौरतलब है कि यूरोपियन संसद में मतदान के लिए चीन के सुरक्षा कानून के खिलाफ जो प्रस्ताव रखा गया उसके पक्ष में 565, जबकि विपक्ष में 34 वोट पड़े. मतदान के दौरान 62 सांसद कानून के विरोध में अनुपस्थित रहे. सदन में चर्चा के दौरान EU और अपने सदस्य देशों से नया कानून लागू होने की स्थिति में द हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस जाने पर विचार करने की अपील की है.
चीन ने जताया एतराज
यूरोपियन यूनियन की ओर से सुरक्षा कानून के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर चीन ने कड़ा एतराज जताया है. चीन ने कहा है कि यह उनके आंतरिक मामलों में दखल है. चीनी संसद में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की विदेशी मामलों की समिति के प्रवक्ता यू वेंजे ने कहा कि प्रस्ताव में तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है. यह हांगकांग और उसके आंतरिक मामलों में खुला दखल है.




