
Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्यकर्मियों की प्रोन्नति के आदेश पर 24 घंटे के अंदर यू-टर्न ले लिया है. रघुवर सरकार ने 22 मई को ही राज्य के कर्मचारियों, पदाधिकारियों की पदोन्नति पर लगी रोक को हटाते हुए इससे संबंधित आदेश जारी किया था. इसके खिलाफ बुधवार दोपहर को सचिवालय में काम करने वाले राज्यकर्मियों ने आपात बैठक की और दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री रघुवर दास के काफिले को रोककर वार्ता की. झारखंड सचिवालय संघ के अध्यक्ष विवेक आनंद बास्के ने सीएम से मुलाकात के बाद बताया कि सीएम ने प्रोन्नति के निर्णय पर रोक लगाने का निर्देश दिया है. सभी कर्मचारियों की एक साथ प्रोन्नति कैसे हो, उस दिशा में कानूनी राय लेकर फैसला लिया जायेगा.
इसे भी पढ़ें- राज्यकर्मियों के लिए खुशखबरी, प्रोन्नति पर लगी रोक हटी, आदेश जारी
प्रोन्नति के मामले में क्या जारी हुआ था आदेश ?
22 मई को कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग के उप सचिव अखौरी शशांक सिन्हा के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया कि झारखंड में सरकारी पदों में प्रोन्नति में अनुसूचित जाति को 10 प्रतिशत एवं अनुसूचित जनजाति को 26 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है. इसलिए प्रोन्नति से भरे जाने वाले 36 प्रतिशत पदों को तत्काल सुरक्षित रखते हुए शेष 64 प्रतिशत पदों पर संवर्गीय वरीयता के अनुसार प्रोन्नति दी जाये. इस पर एससी-एसटी कोटे में आने वाले कर्मचारियों-पदाधिकारियों को आपत्ति है.
क्यों हो रहा विरोध ?
प्रोन्नति में एससी-एसटी कोटे में 36 फीसदी पदों को तत्काल सुरक्षित रखने को लेकर सारा विवाद है. इस कोटे में आने वाले कर्मचारियों, पदाधिकारियों का कहना है कि सामान्य वर्ग में प्रोन्नति के बाद मूल पद पर रिक्तियां आयेंगी. यानी बेसिक पोस्ट पर वैकेंसी निकलेगी, जिसमें फिर से जेनरल कोटे से लोगों को लिया जायेगा. लेकिन एससी-एसटी कोटे को तत्काल सुरक्षित रखने पर, मूल पदों पर उनकी रिक्तियां नहीं निकलेंगी. ऐसे में आगे एससी-एसटी कोटे में वैकेंसी कम होगी.
इसे भी पढ़ें- गोमिया उपचुनाव : आजसू उम्मीदवार लंबोदर महतो ने माना कि “जनता मां है और मां का प्यार पाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं”
सीएम से नहीं हो पायी थी मुलाकात
विरोध दर्ज करा रहे कर्मचारियों का कहना है कि उनलोगों ने पहले भी दो बार मुख्यमंत्री से मिलकर इस मसले पर अपनी बात रखने की कोशिश की. लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पायी.
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.




