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एक अप्रैल से नहीं बढ़ेंगे बिजली के दाम, निकाय चुनाव के बाद पांच गुणा होगा टैरिफ

Subhash Shekhar

Ranchi : एक अप्रैल 2018 से झारखंड में बिजली की टैरिफ नहीं बढ़ेगी. झारखंड में नगर निकाय चुनाव के बाद ही बिजली की दरें बढ़ेंगी. बढ़ी हुई यह दर पांच गुणी तक हो सकती है, जो झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने अपने प्रस्‍ताव में दिया था. नियामक आयोग के मेंबर सचिव एके मेहता ने बताया कि बिजली टैरिफ बढ़ाने के झारखंड बिजली वितरण निगम ने जो प्रस्‍ताव दिया था और उसके बाद जनसुनवाई में जो सुझाव मिले हैं, उस पर हम स्‍क्रूटनी और समीक्षा कर रहें हैं और यह प्रोसेस में है. यह तय है कि इस पर अभी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है और तय है कि एक अप्रैल से बिजली टैरिफ नहीं बढ़ेगी. इस प्रक्रिया में नियामक आयोग को अभी भी 20 से 25 दिन तक का समय लग सकता है.

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जेबीवीएनल का रेवेन्‍यू रिक्‍वायरमेंट पर बिजली दर निर्भर होगा

नियामक आयोग के सदस्‍य एके मेहता ने कहा कि यह अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं कहा जा सकता है कि जेबीवीएनएल ने जो प्रस्‍ताव दिये हैं वह हुबहू पारित होगा या उस पर संशोधन करके टैरिफ कम करने का निर्देश जारी होगा. जनसुनवाई के दौरान जिन बिंदुओं को नोट किया गया था, उन पर समीक्षा हो रही है. इन सबके बाद यह देखा जायेगा कि जेबीवीएनल का रेवेन्‍यू रिक्‍वायरमेंट क्‍या है. उसपर बिजली टैरिफ का दर निर्भर करेगा. रेवेन्‍यू रिक्‍वायरमेंट अगर जेबीवीएनल का होगा तो बिजली की दरें बढ़ाने का निर्देश जारी हो सकता है. अगर उनका रेवेन्‍यू सरप्‍लस होगा तो दरें नहीं बढ़ेंगी. जब कैलकुलेशन पुरा हो जायेगा, तभी कुछ कहा जा सकता है.

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दिल्‍ली में बिजली की दरें घटीं

दिल्ली में बिजली के रेट कम हो गए हैं. बावजूद इसके झारखंड में बिजली टैरिफ बढ़ाने के प्रस्‍ताव पर झारखंड राज्‍य विद्युत नियामक आयोग के सदस्‍य एके मेहता ने कहा कि यह कोई जरूरी नहीं कि दिल्‍ली में बिजली दर घट गया तो यहां भी घट जाए. हर स्‍टेट का अपना  रूल होता है. उदाहरण के तौर पर दिल्‍ली में दर घटा दिये गये हैं, लेकिन बिहार में बढ़ा दिये गये हैं.

दिल्‍ली में घटे दाम, झारखंड में उठ रहे सवाल

झारखंड बिजली उत्‍पादक राज्य, फिर भी दिल्‍ली से महंगा क्‍यों

झारखंड बिजली उत्‍पादक राज्‍य है. यहां की बिजली कई राज्‍यों और कंपनियों को बेची जाती है. लेकिन दिल्‍ली बिजली की अपनी सारी जरूरतें दूसरे से खरीद कर पूरा करता है. फिर भी दिल्‍ली में बिजली की दरें बढ़ने के बजाय, घट रही हैं. और झारखंड में बिजली की दरें कम होनी चाहिए, लेकिन यहां सबसे अधिक होने जा रही हैं. इस बात पर नियामक आयोग के सदस्‍य ने कहा कि कहने को तो सैद्धांतिक तौर पर ऐसा ही होना चाहिए. छत्‍तीसगढ़ भी बिजली पैदा करता है, लेकिन वहां भी बिजली महंगी है. तो ऐसा नहीं कहा जा सकता है कि जो बिजली पैदा करता है, वहां बिजली दर नहीं बढ़ सकती. हर राज्‍य का अपना-अपना रिक्‍वायरमेंट और हिसाब होता है. दिल्‍ली का बिजली का नुकसान कम है. यहां पर नुकसान ज्‍यादा है. यहां रेवेन्‍यू कलेक्‍शन कम हो रहा है. दिल्‍ली में वह बात नहीं है. बिजली दर इन्‍हीं सब बातों पर निर्भर करता है.

दिल्‍ली में घटे दाम, झारखंड में उठ रहे सवाल

दिल्‍ली में घटे दाम, झारखंड में उठ रहे सवाल

  • यहां सब्सिडी 2 रुपये/ यूनिट पहले की तरह ही जारी रहेगी. इस हिसाब से पहले 200 यूनिट तक खपत करने वाले लोगों को 1 रुपये/ यूनिट के हिसाब से ही बिजली बिल का भुगतान करना पड़ेगा. 200 यूनिट से अधिक और 400 यूनिट तक बिजली बिल पर सब्सिडी 2.95 रुपये/ यूनिट मिलने के बाद लोगों को 1.55 रुपये/ यूनिट के हिसाब  बिलों का भुगतान करना पड़ेगा. यह जानकारी राज्‍यसभा सांसद महेश पोद्दार ने ट्वीट करके भी दी है.
  • इस मामले पर झारखंड राज्‍य विद्युत नियामक आयोग के एडवाइजरी कमिटी के सदस्‍य अजय भंडारी ने पीएमओ, नियामक आयोग, और मुख्‍यमंत्री को ट्वीट करके कहा है कि पिछले चार सालों में दिल्‍ली में बिजली के दाम नहीं बढ़े और अब दाम कम हो रहे हैं. सारे देश में करीब-करीब यही स्थिति है. लेकिन झारखंड में दाम दोगुने करने पर तुली है सरकार.

वर्तमान में क्या है विभिन्न श्रेणी की दरें

श्रेणी                      दर(रुपये प्रति यूनिट)

डीएसवन कुटीर ज्योति मीटर 1.25

डीएसवन मीटर(50-100 यूनिट) 1.25

डीएस वन मीटर(0-100 यूनिट) 1.60

डीएसवन मीटर(201 यूनिट से अधिक) 1.70

डीएस टू(0-100 यूनिट) 3.00

डीएस टू(101 से 200 यूनिट) 3.00

एनडीएस थ्री(0-250 यूनिट) 6.80

एनडीएस थ्री(251-500 यूनिट) 6.80

एनडीएस थ्री(500 यूनिट से अधिक) 6.80

लो टेंशन 5:50

आइएएस(सिंचाई) 0.70

आइएएस टू(सिंचाई) 1.20

हाई टेंशन श्रेणी

11 केवी 6.25

33 केवी 6.25

132 केवी 6.25

हाई टेंशन स्पेशल

11 केवी 4.00

33 केवी 4.00

132 केवी 4.00

स्ट्रीट लाइट वन 5.25

रेलवे 6.00

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सात रुपये प्रति यूनिट का प्रस्ताव

ऐसे है बिजली दर का प्रस्ताव

रुपये प्रति यूनिट में

घरेलू (ग्रामीण) 6.25

घरेलू (शहरी) 7.00

कॉमर्शियल (ग्रामीण) 6.50

कॉमर्शियल(शहरी) 6.50

एलटी डिमांड बेस्ड 5.50

एचटी 6.00

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