
राज्य के लोगों को एक बार फिर बिजली के बिल में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि राज्य उर्जा वितरण विभाग ने इसके लिए आयोग में प्रस्ताव रख दिये हैं. आयोग ने भी इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं. हालांकि अंतिम निर्णय लिये जाने से पहले आयोग विभिन्न प्रोसेस के जरिये इस पर विचार विमर्श करेगा तब उसकी अंतिम मुहर लगेगी. फिलहाल उम्मीद की जा रही है कि बिजली उपभोक्ताओं को वर्तमान बिजली दर में करीब चार से पांच गुणा बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है.
Ranchi: राज्य के लोगों को एक बार फिर बिजली के बिल में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि राज्य उर्जा वितरण विभाग ने इसके लिए आयोग में प्रस्ताव रख दिये हैं. आयोग ने भी इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं. हालांकि अंतिम निर्णय लिये जाने से पहले आयोग विभिन्न प्रोसेस के जरिये इस पर विचार विमर्श करेगा तब उसकी अंतिम मुहर लगेगी. फिलहाल उम्मीद की जा रही है कि बिजली उपभोक्ताओं को वर्तमान बिजली दर में करीब चार से पांच गुणा बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है.

विभिन्न कैटेगरी में चार से पांच गुणा बढ़ोतरी के आसार
मिली जानकारी के अनुसार विभिन्न कैटेगरी में चार से पांच गुणा बढ़ोतरी की जा सकती है. इसके लिए बिजली वितरण निगम ने झारखंड राज्य विद्युत निमायक आयोग में वित्तीय वर्ष (2017-18 और 2018-19) का नये टैरिफ प्लान का पिटिशन दायर कर तैयारी शुरू कर दी है.
क्या है आगे का प्रोसेस
बिजली वितरण निगम द्वारा दायर पिटिशन पर अब आयोग जन सुनवाई के माध्यम से स्टेक होल्डर और आम उपभक्ताओं से आपत्तियां मांगेगा. इनके द्वारा जनसुनवाई में अपनी आपत्त्यिां देने के बाद आयोग फिर से इस पर विचार करेगा कि बिजली दर में वृद्धि कितनी की जाये. उम्मीद की जा रही है कि आयोग द्वारा जनसुनवाई इसी साल फरवरी महीने से शुरू कर दी जायेगी. आयोग द्वारा यह कार्य अलग-अलग शहरों में लगभग चार महीने तक चलायी जायेगी. इसमें आये सुझावों और आपत्त्यिों के बाद आयोग अपनी अंतिम मुहर लगायेगा. गौरतलब है कि आयोग ने निगम को इसे पब्लिक डोमेन में जारी करने का निर्देश भी जारी कर चुका है.
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बिजली वितरण निगम ने ऑडिट रिपोर्ट में 7658 करोड़ रुपए का घाटा दिखाया
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग में बिजली वितरण निगम ने वर्ष 2011-12 से लेकर 2015-2016 तक का एक्चुअल ऑडिट रिपोर्ट जमा कर दिया है. निगम ने एक्चुअल ऑडिट रिपोर्ट में करीब 7658 करोड़ रुपए का घाटा दिखाया है. आयोग से इसे सत्यापित करने का आग्रह भी किया है.
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