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साहिबगंज : धड़ल्ले से चल रहा है आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री का खेल, पोल खुलते ही सकते में आया प्रशासन

दिशा की बैठक में बोरियो विधायक ताला मरांडी ने उठाया था मामला

Sahibganj : जिले में जमीन माफिया के द्वारा पहाड़िया समुदाय की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास बनाने का मामला सामने आया है. पोल खुलने के बाद से ही सरकारी विभागों में खलबली मची हुई है और अधिकारी इसे जांच का विषय बता रहे हैं. जानकारी के अनुसार मामला तब सामने आया जब “दिशा” की बैठक में बोरियो विधायक ताला मारांडी ने सवाल उठाया और कहा कि एससी-एसटी की जमीन पर धड़ल्ले से गैर आदिवासी लोग पीएम आवास का लाभ ले रहे हैं. श्री मरांडी ने बताया कि आदिम जनजाति को गैर आदिवासी बहला फुसला कर जमीन पर कब्जा कर रहे हैं.

बोरियो विधायक ने बताया कि गैर आदिवासी चालाकी से पहले तो तीन-चार बीघा जमीन पर कब्जा कर लेते हैं और फिर इसे टुकड़ों में बांटकर बढ़ी कीमतों में बेचना शुरू कर देते हैं. इसके अलावा पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए गैर आदिवासी लोग जमीन कही की और घर कही और का दिखाकर योजना का लाभ लेते हैं. अगर इन मामलों की जांच की गई तो काफी बड़ा घोटाला सामने आ सकता है.

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एससी-एसटी की जमीन पर बन रहा पीएम आवास

पीएम आवास बनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के अधिकारी द्वारा जमीन का पेपर लिया जाता है और चौहद्दी देखी जाती है. फिर भी गड़बड़ी कहां हुई है, यह जांच का विषय है. खास बात यह है कि सरकारी अधिकारी ही इस योजना में लापरवाही बरत रहे हैं. जबकि साफतौर पर नियम है कि आदिवासी जमीन को ना कोई ले सकता है और ना ही इसे बेचा जा सकता है.

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क्या कहा डीडीसी नैंसी सहाय ने

उप विकास आयुक्त नैंसी सहाय ने कहा कि मेरे संज्ञान में भी इस तरह का मामले आया है, अगर गैर आदिवासी लोग एससी-एसटी की जमीन पर पीएम आवास बना रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी.

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