Ahmedabad : गुजरात में चुनाव के बाद भाजपा का आंतरिक कलह धीरे-धीरे सामने आने लगी है. ऐसी ख़बरें आ रहीं हैं कि उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल कांग्रेस के संपर्क हैं और उन्हें कांग्रेस की तरफ से गुजरात का सीएम बनाने का प्रस्ताव है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ विधायक ने गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल से भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में शामिल होने और अपने समर्थन वाले ‘10-15’ विधायकों के सहयोग से राज्य में नयी सरकार बनाने के लिए कहा है. सौराष्ट्र के अमरेली जिले के लाठी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए विरजी थुम्मर ने कहा कि यदि वह निर्धारित संख्या में भाजपा के विधायकों के साथ आते हैं तो पटेल को कांग्रेस से सहयोग से मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘उन्होंने नितिनभाई पटेल से सारे अच्छे विभाग ले लिए हैं. उनके प्रभार दूसरों को सौंप दिए गए हैं. मैं नितिनभाई से उन्हें समर्थन देने वाले 10-15 विधायकों के साथ आने का अनुरोध करता हूं और हम (कांग्रेस) उन्हें बाहर से समर्थन देंगे.’’
कांग्रेस ने किया इनकार, लेकिन भाजपा के अन्दर पटेल की स्थिति पर जताई सांत्वना
थुम्मर ने कहा , ‘‘गुजरात के विकास और किसानों के लाभ के लिए हमें एक साथ काम करना चाहिए. मैं उन्हें एक मित्र के रूप में बताना चाहता हूं कि भाजपा उनका गलत इस्तेमाल कर रही है.’’ हालांकि कांग्रेस ने कहा कि थुम्मर का बयान व्यक्तिगत था. उसने गुजरात की नयी सरकार के भीतर चल रहे राजनीतिक ड्रामे को भाजपा का ‘‘अंदरूनी मसला’’ बताया. कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा, ‘‘यह भाजपा की नीति है कि जब उसे लगता है वे कोई काम के नहीं हैं तो वे अपने वरिष्ठ नेताओं को अपमानित करते हैं और उन्हें दरकिनार कर देते हैं. यह केशुभाई पटेल, आनंदीबेन पटेल, गोरधन जदाफिया जैसे पाटीदार नेताओं के मामले में खास तौर पर दिखाई दिया है. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ अब नितिन पटेल की बारी है. चुंकि हम विभाग के बंटवारे को भाजपा के अंदरूनी मामले के रूप में देखते हैं, इसलिए हम इसमें आगे नहीं बढ़ना चाहेंगे. जहां तक थुम्मर के बयान की बात है तो यह उनका व्यक्तिगत विचार है. हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.’’ गौरतलब है कि नितिन ने विभाग के बंटवरे पर हाल ही में नाखुशी जताई थी.
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