नई दिल्ली: भड़काऊ भाषण के मामले में राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने मोदी राइट हैंड कहे जाने वाले अमित शाह को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। विवादित बयान को लेकर अमित शाह के खिलाफ बिजनौर और शामली में शिकायत दर्ज हुई है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अमित शाह की गिरफ्तारी की मांग करते हुए यूपी सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के सबसे भरोसेमंद और यूपी बीजेपी के प्रभारी अमित शाह इन दिनों अपने भड़काऊ भाषण के लिए चर्चा में है। अमित शाह के खिलाफ बिजनौर के बाद शामली में भी केस दर्ज हुआ है। शाह की गिरफ्तारी के लिए चुनाव आयोग पर भी दबाव है। लेकिन अमित शाह की गिरफ्तारी नहीं होने पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार पहली नज़र में अमित शाह के बयान से लगता है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। आयोग ने अमित शाह को अपना पक्ष रखने के लिए दो दिनों का समय दिया है। अमित शाह को जारी की गई नोटिस में कहा गया है कि पहली नज़र में उनके बयानों से लगता है कि उन्होंने निजी जीवन से जुड़ी आलोचनाएं की, वोट पाने के लिए जाति और समुदाय से अपील की और ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे जिनसे जाति, समुदाय, धर्म या भाषा के आधार पर तनाव फैल सकता था। चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में अमित शाह के बिजनौर, शामली और मुजफ्फरनगर में दिए गए बयानों का जिक्र भी किया है। आयोग ने इस मामले में अमित शाह से दो दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा है। |
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के मुताबिक कांग्रेस नेता इमरान मसूद के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो जाती है, लेकिन अमित शाह के खिलाफ अभी तक कुछ नहीं हुआ है। साथ ही दिग्विजय सिंह ने शाह के खिलाफ कार्रवाई न करने को लेकर यूपी सरकार पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया है।
भले की कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह बड़बोले नेताओं में शुमार हों, लेकिन दिग्विजय सिंह अपने विरोधियों की नब्ज और वक्त की नजाकत को बखूबी पहचानते हैं। चुनाव से ऐन पहले दिग्विजय सिंह अपने एक बयान से अमित शाह के साथ-साथ यूपी की समाजवादी सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।




