
Ranchi: रांची शहर में साफ-सफाई रखने वाली एस्सेल इंफ्रा कंपनी पर पार्षदों की शिकायत नहीं सुनने की बात तो सामने आती रहती है. लेकिन अब निगम के अधिकारियों द्वारा कंपनी पर ही दबाव बनाने की बात सामने आ रही है. मामला नगर निगम के झिरी स्थित डंपिग यार्ड परिसर में दीवार व संपर्क मार्ग के निर्माण का है. रांची के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय के मुताबिक कंपनी के अधिकारियों को कार्य पूरा करने का आदेश उन्होंने पिछले साल बारिश के मौसम के पहले ही दिया था. लेकिन सच्चाई यह है कि कंपनी ने कुछ माह पहले ही कार्य को लेकर टेंडर भरा था.
Nitesh ojha
Ranchi: रांची शहर में साफ-सफाई रखने वाली एस्सेल इंफ्रा कंपनी पर पार्षदों की शिकायत नहीं सुनने की बात तो सामने आती रहती है. लेकिन अब निगम के अधिकारियों द्वारा कंपनी पर ही दबाव बनाने की बात सामने आ रही है. मामला नगर निगम के झिरी स्थित डंपिग यार्ड परिसर में दीवार व संपर्क मार्ग के निर्माण का है. रांची के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय के मुताबिक कंपनी के अधिकारियों को कार्य पूरा करने का आदेश उन्होंने पिछले साल बारिश के मौसम के पहले ही दिया था. लेकिन सच्चाई यह है कि कंपनी ने कुछ माह पहले ही कार्य को लेकर टेंडर भरा था. कंपनी के मुताबिक संभावना है कि बुधवार सुबह तक निगम के अप्रूविंग कमिटी द्वारा आदेश मिलने के बाद ही वे कार्य शुरू कर पाएगें.
इसे भी पढ़ेंःक्या बिना रोड मैप के हो रहा है झारखंड के कई शहरों में 2033 करोड़ की लागत से बिजली के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग का काम !
बोर्ड की बैठक में डिप्टी मेयर ने कंपनी से ली थी पूरी जानकारी
मालूम हो कि सोमवार को सफाई को लेकर निगम बोर्ड की बैठक में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कंपनी के ऑपरेशनल हेड रुपाभ श्रीवास्तव से झिरी डंपिग यार्ड मामले में सवाल खड़े किये थे कि एक साल बीतने के बाद भी कार्य क्यों नहीं शुरु हुआ. डिप्टी मेयर ने यहां तक कह दिया था कि आने वाले दस दिनों में बारिश शुरु होने के बाद कंपनी की गाड़ी वहां कचरा गिराने में अक्षम रहेगी.
क्या कहा था ऑपरेशनल हेड ने
दूसरी और जब न्यूज विंग संवाददाता ने कार्य पूरा नहीं होने की जानकारी एस्सेल इंफ्रा से जुड़े ऑपरेशनल हेड रुपाभ श्रीवास्तव से ली तो उनका कहना था कि अप्रैल माह के अतिंम दिनों में ही निगम द्वारा कार्य को लेकर ड्राइंग को अनुमति दिये जाने का आदेश उन्हें मिला था. ऐसे में अगर निगम द्वारा मंगलवार शाम या बुधवार सुबह तक आदेश मिल जाता है तो एक या दो दिन में डपिंग यार्ड में काम शुरु कर दिया जाएगा.
इसे भी पढ़ेंः पीएमओ ने राजबाला वर्मा के खिलाफ मांगी रिपोर्ट, सरकार ने शिकायतकर्ता से मांगा साक्ष्य
कंपनी पर बनाया जा रहा दबाव
जब न्यूज विंग संवाददाता ने मामले की तफ्तीश की तो इससे कंपनी पर रांची के डिप्टी मेयर द्वारा कंपनी के अधिकारियों पर दबाव बनाने की बात सामने उजागर होती है. जब कुछ माह पहले ही निर्माण कार्य को लेकर टेंडर जारी किया गया तो क्यों निगम बोर्ड की बैठक में डिप्टी मेयर ने यह सवाल कंपनी के अधिकारियों से पूछा कि एक साल में कंपनी ने काम क्यों नहीं करवाया. ऐसे में कंपनी पर दबाव बनाने का मामला सामने आता है.
बता दें कि ये टेंडर करीब 1 करोड़ 26 लाख का है और इस टेंडर का कार्य विश्वनाथ एंड कंपनी को दिया गया है.
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.




