
NewDelhi : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल की हेज फंड कंपनी का संबंध नोटबंदी से है. कांग्रेस ने यह आरोप लगाया है. बता दें कि टैक्स हैवेन केमैन आईलैंड में स्थित विवेक डोभाल की हेज फंड कंपनी को लेकर हुए बडे़ खुलासे से राजनीतिक गलियारों में मामला गरमा गया है. कैरवां पत्रिका के खुलासे के बाद कांग्रेस ने विवेक डोभाल की कंपनी का नोटबंदी के बाद कालेधन को सफेद करने का कनेक्शन तलाशा है. इस संबंध में कांग्रेस ने डोभाल के जरिए भाजपा पर हमला बोला है. पूछा है कि क्या मनी लांडरिंग को संस्थागत करने के लिए नोटबंदी को एक टूल के रूप में इस्तेमाल किया गया.
कांग्रेस कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस का आयेाजन कर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा ने 2011 में एक समिति गठित की थी. इस समिति ने भाजपा की तरफ से एक रिपोर्ट दी थी, जिसका शीर्षक था-इंडियन ब्लैक मनी अब्रोड. इसमें चार सदस्य थे. मौजूदा एनएसए अजित डोभाल की इस रिपोर्ट को तैयार करने में भूमिका थी.
नोटबंदी के बाद देश में आये एफडीआई में विवेक डोभाल की कंपनी की क्या भूमिका थी
जयराम रमेश ने कहा कि आठ नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की घोषणा की थी. 13 दिन बाद 21 नवंबर 2016 को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बेटे विवेक डोभाल केमैन आईलैंड में GNY एशिया खोलते हैं. चौंकाने वाली बात है कि वर्ष 2000 से लेकर 2017 तक भारत को केमैन आईलैंड से जहां एफडीआई के रूप में आठ हजार तीन सौ करोड़ रुपये आते हैं, वहीं अप्रैल 2017 से लेकर मार्च 2018, सिर्फ एक साल में ही आठ हजार तीन सौ करोड़ रुपया भारत में आते हैं. जयराम रमेश ने सवाल किया कि क्या यह चौंकाने वाली बात नहीं कि जो एफडीआई 17 सालों में आता है, वह एक साल में ही आ आता है. आखिर नोटबंदी के बाद देश में आये इस एफडीआई में विवेक डोभाल की कंपनी की क्या भूमिका थी.
जयराम रमेश ने कहा कि कंपनी के दो डायरेक्टर हैं, जिसमें एक विवेक डोभाल हैं तो एक और डॉन डब्ल्यू. इबैंक्स हैं. यह दूसरा शख्स वही है, जिसका नाम पनामा और पैराडाइज पेपर में आ चुका है. कहा कि छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम के बेटे का भी पनामा पेपर्स में नाम आ चुका है. जिसका नाम पनामा में है, वह कैसे विवेक डोभाल की कंपनी में डायरेक्टर हो सकता है.
केमैन आईलैंड गैरकानूनी नहीं बल्कि टैक्स हैवेन है. जयराम रमेश ने कहा कि नोटबंदी और टैक्स हैवेन से एफडीआई आने के बीच जरूर कुछ न कुछ संबंध है. जब हैवेन से एफडीआई आता है तो उसकी जांच की जानी चाहिए. बता दें कि कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि अप्रैल 2017 से एफडीआई में 2226 प्रतिशत बढ़ोत्तरी होती है. आरोप लगाया कि नोटबंदी के जरिए भाजपा ने मनी लांडरिंग को संस्थागत करने की कोशिश की है.
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