शोरशराबे के बीच विधानसभा कार्यवाही स्थगित, जेएमएम की मांग सीएनटी संसोधन अध्यादेश वापस लाये सरकार
रांची: झारखण्ड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विधानसभा में हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी विधायकों की मांग थी कि कार्यस्थगन प्रस्ताव को स्वीकार किया जाये। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने इसे खारिज कर दिया। इसी का विरोध करते हुए विधायक हंगामा करने लगे। विपक्ष छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट में संसोधन के प्रावधान का भी विरोध कर रहे थे।
कार्रवाही स्थगित होने के बाद में विधानसभा परिसर में प्रेस से बात करते हुए झामुमो के हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा की सरकार पिछले दरवाजे से आदिवासियों का जमीन हथियाने की फिराक में है। इस कारण मानसून सत्र के दौरान संशोधन से संबंधित अध्यादेश राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास इस अध्यादेश के जरिये व्यापारियों को लुभा रहे हैं। वहीं सरकार झारखंड के लोगों को ठगने का काम कर रही है। श्री सोरेन ने कहा कि जब तक सीएम अध्यादेश सदन में वापस लेने की घोषणा नहीं करते सदन को नहीं चलने देंगे।
इस दौरान कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने मांग की कि सरकार अध्यादेश वापस लाये और सदन में इसपर चर्चा कराये।




