Ranchi : राज्यभर के करीब 15 हजार पारा शिक्षक शनिवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत शिक्षा मंत्री नीरा यादव के आवास का घेराव करने निकले. पहले सभी का जुटान विधानसभा मैदान में होना था, उसके बाद रैली निकाल कर नीरा यादव के आवास तक आवास का घेराव करना था. पारा शिक्षक मैदान में जुटे. विधानसभा मैदान में करीब चार घंटे तक नारेबाजी हुई. नेताओं ने भाषण दिये, पर उससे आगे का कार्यक्रम धरा का धरा रह गया. वो गाना तो आपने सुना ही होगा- जाना था जापान पहुंच गए चीन, समझ गये ना. कुछ ऐसा ही हुआ एकीकृत पारा शिक्षक संघ के साथ. पारा शिक्षकों की मांग और उनको मनवाने की उनकी जिद विधानसभा मैदान के चारों ओर बने बैरिकेडिंग के अंदर दम तोड़ गयी. बैरिकेडिंग से बाहर निकलते ही सदर डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने आंदोलनरत शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया और भीड़ सड़क पर ही बैठ गयी. इसी बीच पारा शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल को जगऩ्नाथपुर थाने में वार्ता के लिए बुलाया गया और वार्ता के बाद आंदोलन की रूपरेखा बदल गयी.
Ranchi : राज्यभर के करीब 15 हजार पारा शिक्षक शनिवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत शिक्षा मंत्री नीरा यादव के आवास का घेराव करने निकले. पहले सभी का जुटान विधानसभा मैदान में होना था, उसके बाद रैली निकाल कर नीरा यादव के आवास तक आवास का घेराव करना था. पारा शिक्षक मैदान में जुटे. विधानसभा मैदान में करीब चार घंटे तक नारेबाजी हुई. नेताओं ने भाषण दिये, पर उससे आगे का कार्यक्रम धरा का धरा रह गया. वो गाना तो आपने सुना ही होगा- जाना था जापान पहुंच गए चीन, समझ गये ना. कुछ ऐसा ही हुआ एकीकृत पारा शिक्षक संघ के साथ. पारा शिक्षकों की मांग और उनको मनवाने की उनकी जिद विधानसभा मैदान के चारों ओर बने बैरिकेडिंग के अंदर दम तोड़ गयी. बैरिकेडिंग से बाहर निकलते ही सदर डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने आंदोलनरत शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया और भीड़ सड़क पर ही बैठ गयी. इसी बीच पारा शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल को जगऩ्नाथपुर थाने में वार्ता के लिए बुलाया गया और वार्ता के बाद आंदोलन की रूपरेखा बदल गयी.
दूसरा गुट जिद पर अड़ा था
आंदोलन में शामिल दूसरा गुट शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव की जिद पर अड़ा था. पारा शिक्षक अपने साथियों को आगे बढ़ने के लिए कह रहे थे. छुब्ध गुट अपने ही साथियों पर आंदोलन को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगा रहे थे. उनका कहना था कि कई वर्षों से हम सभी सेवा दे रहे हैं पर सरकार हमारी नहीं सोच रही है. आज लड़ाई आरपार की होगी. लेकिन प्रशासनिक सख्ती के सामने शिक्षकों की एक न चली. प्रदर्शन के दौरान पारा शिक्षक पारु शर्मा धरना स्थल पर ही बेहोश हो गये. वहां मौजूद सहयोगी पुलिस की मदद से उऩ्हें उठा कर नजदीक के अस्पताल में ले गये.
ड्रोन और वीडियो कैमरे से रखी जा रही थी निगरानी
विधानसभा मैदान में पारा शिक्षकों के आंदोलन की निगरानी ड्रोन और वीडियो कैमरे के द्वारा रखी जा रही थी. जब-जब आक्रोश बढ़ता, ड्रोन आकाश में उड़ने लगता. कैमरे की नजर ऐसी मानो सभी के चेहरे को कैद कर लिया गया हो.
वाटर कैनन की थी व्यवस्था
पारा शिक्षकों के आंदोलन के दौरान जगन्नाथपुर थाने के समक्ष वाटर कैनन को भी तैनात रखा गया था. आंदोलन के उग्र होते ही शिक्षकों पर पानी की बौछार करने की योजना थी. लेकिन प्रशासनिक सख्ती के सामने सब कुछ शांत हो गया.
रांची में नहीं थीं शिक्षा मंत्री
पारा शिक्षक एकीकृत पारा शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री का घेराव करने पहुंचे थे. संघ ने इसके लिए पहले से ही प्रशासन और शिक्षा मंत्री को जानकारी दे दी थी. अप्रूवल भी दे दिया जा चुका था. पर आज जब राज्य भर के पारा शिक्षक करीब पंद्रह हजार की संख्या में कार्यक्रम को अंजाम देने पहुंचे, तो शिक्षा मंत्री अपनी पार्टी के कार्यक्रम में भाग लेने बेतला, डालटनगंज में थी. यही वजह थी कि राज्य के कोने कोने से आने का उनका मकसद पूरी तरह से निरर्थक रहा.
थाने में एसडीएम से हुई वार्ता
एकीकृत पारा शिक्षक संघ के नेतृत्व में उनकी मांगों ने एसडीएम से जगरनाथपुर थाना में वार्ता का रूप ले लिया. एसडीएम अंजली यादव ने संघ के छह सदस़्यों को अंदर बुलाया. बजरंग प्रसाद, संजय दूबे, सींटू सिंह, मोहन मंडल, ऋषिकेष सिंह और छात्र नेता मनोज यादव वार्ता करने पहुंचे. बैठक में ये फैसला हुआ कि 15 दिन के अंदर सरकार से सकारात्मक वार्ता होगी. नहीं होने की स्थिति में संघ ने आने वाले 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास घेरने की बात कही और साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी.
बिना परमिशन कर रहे थे रैली : अंजलि यादव
एसडीएम अंजलि यादव ने कहा कि इनको नीरा यादव के घर जाने से रोका गया है. पारा शिक्षक बिना परमिशन के रैली करने पहुंचे थे जो पूरी तरह से गलत है. उन्होंने कहा कि इनके मामले को सही तरीके से सही जगह उठाया जायेगा. साथ ही कहा कि हम कोशिश करेंगे कि इनकी जो मांगे हैं, उनपर विचार कर फैसला लिया जायेगा. मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाई जायेगी.
30 हजार वेतन और स्थाई करने की बात मानी गयी है
9 मार्च की रात सुनील कुमार वर्णवाल से एकीकृत पारा शिक्षक संघ के सदस्यों की मुलाकात हुई थी. उस समय कई मामलों पर विचार विमर्श किया गया. संघ के सदस्य बजरंग प्रसाद ने बताया कि 30 हजार रुपये वेतन और स्थाई करने की मांग पर सहमति बनी है पर हम इसे तब मानेंगे, जब हमें ये बात लिखित रूप से दी जायेगी. हालांकि उन्होंने कहा कि एक महीने के अंदर लिखित में देने की बात कही गयी है.
पारा शिक्षकों की मांगें
-पारा शिक्षकों को समायोजित करते हुए समान कार्यसमान वेतन के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को झारखंड में कार्यरत पारा शिक्षकों के लिए लागू किया जाये.
-टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों को वरीयता के आधार पर सरकारी शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाये एवं टेट उर्तीणता प्रमाणपत्र की अवधि का विस्तार किया जाये.
-पारा शिक्षक कल्याण कोष का गठन किया जाये एवं पारा शिक्षकों को इपीएफ से जोड़ा जाये
– डीएलएड प्रशिक्षण रत पारा शिक्षकों से ली गयी प्रशिक्षण मद की राशि वापस कराई जाये.
– विद्यालय विलयन की प्रक्रिया अविलंब स्थगित करायी जाये.