
Raipur: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में आठ लाख रुपए के इनामी नक्सली ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.
बीजापुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने बुधवार को नक्सली सुधीर कोरसा (31 वर्ष) ने आत्मसमर्पण कर दिया है.
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त्रस्त होकर नक्सलवाद छोड़ने का किया फैसला
सुधीर कोरसा पिपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के बटालियन नंबर एक के कंपनी नंबर दो का प्लाटून कमांडर है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोरसा ने नक्सली जीवन शैली से त्रस्त होकर और नक्सलियों की खोखली विचारधारा से क्षुब्ध होकर नक्सलवाद छोड़ने का फैसला किया है.
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इन घटनाओं में संलिप्त था नक्सली
उन्होंने बताया कि कोरसा वर्ष 2005 में संगठन में भर्ती हुआ था. वह वर्ष 2006 में मुरकीनार की घटना में, वर्ष 2007 में रानीबोदली की घटना में, वर्ष 2009 में कोरापुट (दमनजोडी) ओडिशा में बारूद मैग्जीन लूटने की घटना में और वर्ष 2010 में ताड़मेटला (सुकमा) की घटना में शामिल था. ताड़मेटला की घटना में नक्सलियों ने 76 पुलिस जवानों की हत्या कर दी थी.
अधिकारियों ने बताया कि नक्सली कोरसा के समर्पण में कोबरा बटालियन के निरी़क्षक सोमदेव आर्य का विशेष योगदान रहा है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माओवादी के आत्मसमर्पण करने पर उसे 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गयी है. वहीं उसे पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा.




