रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के विभिन्न कारागारों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की रिहार्इ हेतु प्राप्त आवेदनों पर विचार हेतु प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने सभाकक्ष में आज राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक की। बैठक में कुल 106 आवेदनों पर विचार किया गया जिनमें से कुल 51 आवेदनों पर रिहार्इ हेतु पर्षद ने अपनी अनुशंसा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राप्त आवेदनों पर राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद विचार कर सकती है, परंतु यह किसी आवेदक का अधिकार नहीं माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि रिहार्इ हेतु प्राप्त आवेदनो पर विचार करते समय यह जांच आवश्यक है कि अपराधी की पृष्ठभ्ाूमि क्या है, इनके अपराध की प्रकृति क्या है, रिहार्इ के बाद अपराध की पुनरावृत्ति न हो। इस बात पर विचार आवश्यक है कि रिहार्इ के बाद इनके परिवार, इन्हें किस रूप में स्वीकार करेंगे। यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि समाज पर इनकी रिहार्इ का विपरीत प्रभाव न पड़े।
बैठक मे मुख्य सचिव आरएस शर्मा, प्रधान सचिव गृह विभाग एनएन पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान एसएन प्रधान, आर्इजी (कारा) सहित वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।




