|| गौरव शर्मा ||
पलक्कड़ | क्या आप शहर की थकाऊ जीवनशैली से चकनाचूर हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां प्रकृति की गोद में शांति से सुकून के पल गुजार सकें? तब आपके लिए केरल के पलक्कड़ में स्थित कैरली आयुर्वेद उपचार ग्राम सबसे उपयुक्त जगह है।
50 एकड़ के हरे भरे क्षेत्र में फैले आयुर्वेद पद्धति से उपचार प्रदान करने वाले इस सैरगाह में 1,000 से भी अधिक वृक्ष लगे हुए हैं। यहां आपकों कई तरह के सुखद अनुभव एकसाथ मिलेंगे, जैसे -आयुर्वेद पद्धति से विभिन्न किस्म की मालिश, ध्यान, योग एवं कई अन्य तरह के उपचारों की सुविधाएं।
इस ग्राम में पिरामिड के आकार की 30 झोपड़ियां हैं, जिन्हें वास्तुशास्त्र के आधार पर बनाया गया है। इन्हें वास्तु शास्त्र को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिनके चारों तरफ पानी का अविरल प्रवाह बहता रहता है, जो किसी नदी तट एहसास कराता है।
ये झोपड़ियां चार तरह की हैं, महाराजा, रॉयल, क्लासिक एवं डीलक्स। महाराजा वर्ग की झोपड़ी का प्रतिदिन का किराया 21,000 रुपये है, तो डीलक्स वर्ग की झोपड़ी का किराया एक दिन का 9,500 रुपये है।
कैरली के महाप्रबंधक अलावूर उमेश ने आईएएनएस को बताया, “इस कस्बे को विकसित करने का मकसद आपको मालिश की उपचार पद्धति से शारीरिक एवं मानसिक उपचार प्रदान करना है। ये मालिश पूरी तरह आयुर्वेदिक उपचार पद्धति पर आधारित हैं।”
कैरली के हरे-भरे परिसर में चहलकदमी करते हुए आपको मद्धिम-मद्धिम चलने वाली हवा और मोरों के चहकने की आवाज सीधे प्रकृति के गोद में ले जाएंगी।
चेन्नई के रहने वाले एक दंत चिकित्सक ने आईएएनएस को बताया, “मैं पिछले 15 वर्षो से यहां आ रहा हूं। यह जगह बहुत ही खूबसूरत है। मैं जब भी शहर के शोर-शराबे से पस्त हो जाता हूं, यहां चला आता हूं।”
यहां विदेशों से भी काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। जर्मनी से आने वाले पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है। यह ग्राम कोयंबटूर से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
दुबई में रहने वाली एक आस्ट्रेलियाई महिला पर्यटक ने कहा, “आपके तनाव भरे जीवन से यह जगह मुक्ति दिलाती है। मैं यहां हर 18 महीने पर आती हूं।”
इस उपचार ग्राम में 22 तरह के रोगों का उपचार किया जाता है, जिसमें साइनसाइटिस, अर्धकपारी, गठिया रोग, चर्मरोग, बांझपन, स्लिप डिस्क एवं स्पांडिलाइटिस जैसे रोग शामिल हैं। यहां मोटापा, तनाव एवं तरोताजगी के लिए भी उपचार पैकेज रखे गए हैं।




