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गोरखपुर में 30 बच्चों की मौत का खंडन, समीक्षा करेंगे मंत्री

News Wing

Lucknow, 12 August: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में पिछले कुछ दिनों में एंसेफेलाइटिस के कारण कई बच्चों की मौत हो गई. कल इस मामले में खबर आ रही थी कि ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाली कंपनी ने ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दिया था, जिसके कारण बच्चों की मौत हुई. हालांकि आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी भी खबर से इंकार किया जा रहा है और मीडिया के द्वारा गलत खबर पेश किये जाने की बात कही गयी है.

समीक्षा करने पहुंचे मंत्री

इस मामले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन आज खुद जायजा लेने वहां पहुंचे. अधिकारियों के अनुसार, दोनों मंत्री जमीनी स्तर पर स्थिति की समीक्षा करने और इस मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए शहर के दौरे के लिए रवाना हुए हैं.

सरकार ने खंडन किया

कल मीडिया में आयी इस खबर का कि ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने के कारण 30 बच्चों की मौत हो गयी है मामले में ऐसी किसी भी घटना का सरकार ने खंडन किया है. राज्य के सूचना विभाग ने देर शाम जारी बयान में कहा कि कुछ टीवी चौनलों द्वारा बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 30 बच्चों की मौत की खबरें दिखाई जा रही हैं जो भ्रामक हैं. हालांकि इसमें कहा गया कि जिलाधिकारी राजीव रौतेला निजी तौर पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तैनात हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, जहां शुक्रवार को अलग-अलग मेडिकल कारणों से 7 मरीजों की मौत हुई है. यह बयान गोरखपुर के जिलाधिकारी को टीवी चौनलों पर यह बयान देते देखने के बाद आया है, जिसमें जिलाधिकारी ने पिछले दो दिनों में 30 बच्चों की मौत की तथा पिछले 24 घंटों में 7 मौत की पुष्टि की थी.

ऑक्सीजन कमी, क्योंकि 70 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ

रौतेला ने स्थानीय टीवी चौनलों को बताया कि 17 बच्चों की नवजात प्रसव वार्ड में, 5 बच्चों की तीव्र इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों के लिए बनाए गए बार्ड में और 8 की सामान्य वार्ड में मौत हुई है. ऑक्सीजन की कमी की वजह से बच्चों की मौत हुई है, इस बात का खंडन करते हुए हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि लिक्विड ऑक्सीजन की कमी है, क्योंकि 70 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया है. भुगतान नहीं होने के कारण विक्रेता की ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कर दी है. हालांकि, उन्होंने कहा आपातकालीन उपयोग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है.

ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद न करने गुजारिश

उन्होंने बताया कि विक्रेता को 35 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है और उससे गुजारिश की गई है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद न करे।.

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