
New Delhi : एक और राजनीतिक दल लोकतांत्रिक जनता दल का उदय हो रहा है. इस बार दल बनाने की बारी जदयू के बागी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की है. जानकारी दी गयी है कि अगले माह शरद यादव अपनी नयी पार्टी की घोषणा करेंगे. चुनाव आयोग की ओर से उनकी पार्टी के नाम को ग्रीन सिग़्नल मिल गया है. बता दें कि शरद गुट ने चुनाव आयोग को लोकतांत्रिक जनता दल और समाजवादी जनता दल दो नाम सौंपे थे. सूत्रों के अनुसार आयोग ने लोकतांत्रिक जनता दल नाम का आवंटन कर दिया. हालांकि चुनाव चिह्न का आवंटन अभी नहीं किया गया है. कहा गया है कि शरद यादव इस पार्टी में कोई पद नहीं संभालेंगे. वे इसके संरक्षक रहेंगे. सुशीला मोराले पार्टी महासचिव होंगे. अगले माह 18 मई को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में पार्टी के पदाधिकारियों के नामों की घोषणा होगी. इस क्रम में पार्टी गठन की औपचारिक घोषणा भी होगी. इस दिन शरद यादव समर्थकों का सम्मेलन भी होगा.
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पार्टी का गठन भाजपा को केंद्र की सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए
नयी पार्टी का गठन भाजपा को केंद्र की सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए किया गया है. पार्टी देशभर में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी. पिछले साल 2017 की जुलाई में नीतीश कुमार बिहार में महागठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ हो लिये. यह शरद यादव को रास नहीं आया. इसके बाद शरद यादव नीतीश के विरोधी हो गये और खुले आम नीतीश की आलोचना करने लगे. अंतत: जदयू अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शरद यादव के 21 समर्थकों को पार्टी से निकाल दिया. साथ ही जदयू नेताओं के माध़्यम से शरद को संदेश भेजा गया कि वे लालू यादव की पटना रैली में शामिल न हों लेकिन शरद यादव शामिल हुए. बदलते घटनाक्रम के बीच जदयू ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर राज्यसभा की सदस्यता रद्द करने की अर्जी दी. पांच दिसंबर को शरद यादव और जदयू सांसद अली अनवर की राज्य सभा सदस्यता रद्द कर दी गयी. मामला अभी दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है.
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