
News Wing Desk : त्रिपुरा में भाजपा की जीत के बाद उनके कार्यकर्ताओं ने पांच मार्च को लेनिन की मूर्ती को बुलडोजर से तुड़वा दिया. इस घटना की जहां देश भर में इसकी आलोचना हुई, वहीं अब इस तरह की घटनाएं देश के विभिन्न हिस्सों में होने लगी है. अलग-अलग दलों से जुड़े लोग विरोधी विचारधारा के महापुरुषों की मूर्तियों को निशाना बनाने लगे हैं. छह मार्च को तमिलनाडू के वेल्लोर में पोरियार की मूर्ती को निशाना बनाया गया. वहीं सात मार्च को यह खबर आयी कि पश्चिम बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ती को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है. त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ती को तोड़े जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने इस पर पार्टी कार्यकर्ताओं को शाबासी दी थी. लेकिन अब प्रधानमंत्री समेत देश के सभी दलों के नेता एेसी घटनाओं की आलोचना करने में लगे हैं. एेसे में एक वर्ग यह भी कह रहा है कि देश को एक अलग तरह के रास्ते पर ले जाने की कोशिश की जा रही है. जिससे सबको नुकसान ही होना है.
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त्रिपुरा में तोड़ी गयी थी लेनिन की मूर्ति

दक्षिणी त्रिपुरा में सोमवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा गिरा दी गयी. बुलडोजर से प्रतिमा गिराये जाने के दौरान कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय के नारे भी लगाये थे. इससे पहले राज्य के 13 जिलों में जगह-जगह तोड़-फोड़ और आगलगी की घटनाएं हो चुकी है. सीपीआई एम ने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के कार्यालयों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है.
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लेनिन की प्रतिमा तोड़ने पर राम माधव के ट्वीट से मचा सियासी बवाल

भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा लेलिन की मूर्ति गिराये जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव के एक ट्वीट किया था. लेकिन इस ट्वीट ने को मामले को ठंढ़ा करने की जगह विवाद को और बढ़ा दिया. ट्वीट का स्क्रीनशॉट लेकर लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर आरोप लगाने लगे कि मूर्ति गिराने में बीजेपी नेताओं की मौन सहमति रही. खुद सीपीआई ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया. हालांकि बाद में राम माधव के अकाउंट पर सबंधित ट्वीट नजर नहीं आया. माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर मामले के तूल पकड़ने के कारण उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया. राम माधव ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि लोग लेनिन की मूर्ति गिराए जाने की चर्चा कर रहे हैं, रूस नहीं ये त्रिपुरा है, चलो पलटाई. दरअसल त्रिपुरा चुनाव के दौरान बीजेपी ने चलो पलटाई का नारा दिया था. ऐसे में राम माधव के इस ट्वीट को कम्युनिस्ट पार्टी और उनके समर्थकों ने वायरल करना शूरू कर दिया. आरोप लगाया कि मूर्ति बीजेपी के बड़े नेताओं के कहने पर गिराई गई. जिसका सुबूत राष्ट्रीय महासचिव राम माधव का ट्वीट है.
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बीजेपी नेता की फेसबुक पोस्टपोस्ट के बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति को तोड़ा

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में मंगलवार रात समाज सुधारक एवं द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक ई वी रामासामी ‘पेरियार’ की प्रतिमा कथित रूप से क्षतिग्रस्त कर दी गयी. पुलिस ने दावा किया है कि घटना को नशे में रहे दो व्यक्तियों ने अंजाम दिया. यह घटना राजनीतिक रूप से महत्व रखती है क्योंकि भाजपा के एक नेता ने संकेत दिया था कि अगला नंबर तर्कवादी नेता की प्रतिमा का होगा, जिसे गिराया जा सकता है. गौरतलब है कि भाजपा नेता एच राजा ने सोमवार को तमिल भाषा में की गयी एक फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि, ‘लेनिन कौन है? लेनिन और भारत के बीच क्या संबंध है? भारत और कम्युनिस्टों के बीच क्या संबंध है? आज त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा हटाई गई और कल तमिलनाडु में ई वी रामासामी की प्रतिमा का नंबर होगा.’ इस पोस्ट को बाद में सोशल मीडिया से हटा लिया गया था.
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लेनिन ओर पेरियार की मूर्ती के बाद क्षतिग्रस्त की गयी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा

लेनिन और पेरियार की मूर्ति तोड़े जाने के बाद पश्चिम बंगाल में विरोधियों ने इसका बदला लेने की कोशिश करते हुए जनसंघ संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति तोड़ने की कोशिश की. जिन्होंने मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया उन्होंने उसके पास एक पोस्टर भी छोड़ा है. जिसमें यह कहा गया है कि यह त्रिपुरा की घटना का बदला है. साथ ही मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने वाले लोगों ने श्यामा प्रसाद की मूर्ति पर कालिख भी पोत दी. घटना बुधवार सुबह करीब आठ बजे की बतायी जा रही है. यह मूर्ति कोलकाता के कालीघाट के पास स्थापित थी.
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