नई दिल्ली: कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता नारायण दत्त तिवारी की डीएनए रिपोर्ट में उन्हें रोहित शेखर का पिता करार दिया गया है. तिवारी के खिलाफ रोहित शेखर ने पूर्व में कोर्ट में मामला दायर कर के कहा था कि तिवारी ही उनके असली पिता थे.
इस मामले पर कोर्ट ने तिवारी की डीएनए जांच के आदेश दिए थे. डीएनए जांच होने के बाद तिवारी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की थी कि उनकी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक न किया जाए लेकिन कोर्ट ने यह अपील खारिज कर दी थी. इसके बाद अब कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान तिवारी की रिपोर्ट सार्वजनिक की है.
तिवारी ने कोर्ट से यह भी अपील की थी कि पूरी सुनवाई बंद कमरे में रखी जाए क्योंकि उन्हें आशंका थी कि रोहित शेखर और उनकी मां उज्जवला शर्मा रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की कोशिश करवाएंगी.
तिवारी के डीएनए की जांच हैदराबाद की डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायगोनिस्टिक्स ने की है और उन्होंने सीलबंद लिफाफे में यह रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी है. जांच के लिए तिवारी के अलावा रोहित शेखर और उनकी मां उज्जवला शर्मा के डीएनए सैंपल भी लिए गए थे. केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश पर तिवारी और बाकी लोगों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे थे.




