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धर्मांतरण और भूमि अधिग्रहण बिल वापस लो, वरना अांदोलन : अादिवासी संगठन

News Wing

Ranchi, 21 September: धर्म स्वतंत्र विधेयक और भूमि अधिग्रहण(संशोधन) विधेयक को लेकर आदिवासी संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. 23 सितंबर को 18 आदिवासी संगठनों का इस बिल के विरोध में मोरहाबादी मैदान में महाजुटान होगा, जहां वे सरकार से मांग करेंगे की सीएनटी-एसपीटी संशोधन बिल की तरह इन दोनों को भी सरकार वापस ले, नहीं तो राज्यभर में आंदोलन खड़ा होगा. आदिवासी, ईसाई, मुस्लिम और समाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने रांची के सिमडेगा हाउस में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 23 सितंबर के कार्यक्रम की जानकारी दी.

सरकार कर रही आदिवासी समाज को बांटने की कोशिशः प्रभाकर तिर्की

आजसू नेता प्रभाकर तिर्की ने कहा कि सरकार की मंशा आदिवासी समाज को बांटना है. ईसाई और सरना के नाम पर इनकी एकता को तोड़ने की साजिश हॉ. उन्होंने कहा कि इन दोनों विधेयक में आदिवासियों को उलझा कर सरकार उनकी जमीन हथियाना चाहती है. प्रभाकर ने कहा कि सरकार झारखंड वासियों को धर्म के नाम लड़ाकर यहां की जमीन लूटने का प्रयास कर रही है, लेकिन झारखंड वासी ऐसा नहीं होने देंगे. इसके खिलाफ सड़क से सदन तक विरोध किया जायेगा. इन दोनों विधेयकों के खिलाफ भी फिर से सीएनटी-एसपीट एक्ट के विरोध की तरह ही लोगों को गोलबंद होने की जरूरत है.

जनता सड़क पर उतरेगी, तो सरकार को भागना पड़ेगाः दीपक तिर्की

राष्ट्रीय ईसाई महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक तिर्की ने धर्म स्वतंत्र विधेयक और भू-अर्जन विधेयक को रद्द करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इससे जनता में काफी आक्रोश है. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि डर की एक सीमा होती है. जब डर खत्म हो जायेगा, तो परिणाम खतरनाक होगा. इसके विरोध में जनता जब सड़क पर उतरेगी, सरकार को भागना होगा.

धर्मातरण बिल नहीं, सरना धर्म कोड चाहिएः अजय तिर्की

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि जबरन धर्मांतरण कराने वालों पर कानूनी कार्रवाई का पहले से ही राज्य में प्रावधान है. फिर इस पर नया बिल लाने की क्या मंशा है. उन्होंने कहा कि सरकार ये बिल आदिवासी और ईसाई समाज को लड़ाने के लिए लायी है. सरकार धार्मिक स्वातंत्रता और भू-अर्जन बिल एक साथ लाकर हमारी जमीन पर कब्जा करना चाहती है. उन्होंने कहा कि कई वर्षों से आदिवासी समाज सरना धर्म कोड की मांग रहा, जिसे सरकार नजरअंदाज करती रही. देश में 12 करोड़ आदिवासी समाज है, हमें सरना धर्म कोड चाहिए, ना कि धर्मातरण बिल.

धर्मातरण कानून ईसाई नहीं सभी धर्मों के खिलाफ हैः प्रेम प्रकाश

साझा मंच के प्रेम प्रकाश वर्मा ने धर्मांतरण कानून को सभी धर्मों के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट आम नागरिक को धर्म पर फंडामेंटल राइट्स देता है, हमें किसी भी धर्म में जाने के लिए डीएम या डीसी से इजाजत लेने की जरुरत नहीं है. यह कानून संविधान का उल्लंघन करता है. भू-अर्जन बिल को वापस लेने की मांग करते हुए प्रेम प्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार के 2013 के भू-अर्जन बिल को राज्य सरकार ने बदल दिया है. इसमें ग्राम सभा से सहमति लेने वाले प्रावाधान को हटा दिया. सरकार अब किसी की भी जमीन को हथिया लेगी. 

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