
Ranchi : कांग्रेस पार्टी के झारखंड से राज्यसभा सदस्य धीरज प्रसाद साहू के निर्वाचन को चुनौती देनेवाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. इससे कांग्रेस सांसद धीरज साहू को राहत मिली है.
श्री साहू के निर्वाचन को भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सोंथालिया ने चुनौती दी थी. झारखंड हाइकोर्ट में राज्यसभा सदस्य धीरज साहू के निर्वाचन को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई हुई थी.
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प्रदीप सोंथालिया ने दायर की थी याचिका
सुनवाई के दौरान धीरज साहू की ओर से अदालत को बताया गया था कि सिल्ली के तत्कालीन विधायक अमित महतो ने दिन में 9:30 बजे मतदान किया था. जबकि उन्हें 2:30 बजे सजा सुनायी गयी थी. मतदान के समय वे विधानसभा के सदस्य थे.
दूसरे पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि विधानसभा की ओर से जारी अधिसूचना में उनकी उसी दिन से सदस्यता समाप्त होने की बात कही गयी थी. धीरज साहू की तरफ से सर्वोच्च न्यायलय में वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंधवी ने पक्ष रखा.
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2018 में हुआ था राज्यसभा चुनाव
साल 2018 में राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी प्रदीप सोंथालिया और कांग्रेस के प्रत्याशी धीरज साहू थे. इसमें धीरज साहू जीत गये थे. प्रदीप सोंथालिया ने उनके निर्वाचन को चुनौती देते हुए यह कहा था कि उनकी जीत गलत है.
सोंथालिया ने आरोप लगाया था कि जेएमएम के विधायक अमित महतो ने जिस दिन राज्यसभा चुनाव में जो मत दिया था, उसी दिन रांची सिविल कोर्ट से उन्हें सजा दी गयी थी. जिसके बाद उनकी सदस्यता समाप्त हो गयी थी. इसलिए अमित महतो के मत की गिनती नहीं की जानी चाहिए थी.
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