
GandhiNagar : एशियाई शेरों का उत्पीड़न करने को लेकर गुजरात सरकार के तेवर तल्ख हैं. खबर है कि अब किसी ने एशियाई शेरों को परेशान किया तो वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के तहत सात साल की सजा हो सकती है. बता दें कि गुजरात सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जो लोग किसी भी नियम का उल्लंघन करते हुए शेरों को परेशान करते पाये जायेंगे, तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी. साथ ही उन्हें सात साल की सजा भी सुनाई जा सकती है. जानकारी दी गयी है कि सरकार ने शेरों के आवास क्षेत्र के 22,000 वर्ग किमी के फैलाव का प्रबंधन करने के लिए एकल प्राधिकरण के गठन की भी घोषणा की, जो वर्तमान में चार अलग-अलग अथॉरिटी के नियंत्रण में है. इस अधिनियम के तहत शेरों के उत्पीड़न में गैरकानूनी लायन शो, गाड़ी से शेरों का पीछा करना और अवैध वीडियो बनाना भी शामिल है. इस संबंध में गुजरात के वन मंत्री गनपत वसावा ने कहा कि हमने वन अधिकारियों को जानवरों को परेशान करने वाले के खिलाफ शिकार का मामला दर्ज करने को कहा है. उन्होंने कहा कि ऐक्ट के अनुसार शिकार का मतलब सिर्फ जानवर को मारना नहीं है. यह शेर या बाघ जैसे जानवरों पर किसी तरह के उत्पीड़न की दशा में भी लागू होता है.
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लायन शो करने के आरोप में सात लोग गिरफ्तार किये गये
ऐक्ट की अनुसूची 1 के तहत आने वाले जानवरों को वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत उच्च स्तर की सुरक्षा दी जाती है. जानकारी दी गयी है कि पिछले माह गैरकानूनी रूप से गुजरात के गिरगढडा में लायन शो करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से एशियाई शेरों को लालच देकर परेशान करने वाले कुछ वीडियो पुलिस को मिले हैं. इन वीडियो के जरिए कई ऐसे मामले सामने आये थे जहां लायन शो के नाम पर शेरों का उत्पीड़न किया जा रहा था. इन वीडियो में शेर प्रलोभन देने वालों पर हमला न कर परेशान होते हैं. शेरों का यह व्यवहार वन अधिकारियों के लिए चिंता का सबब बन गया है. बता दें कि गिरगढडा जूनागढ़ जिले के सासन के पास स्थित है जहां बड़ी संख्या में रिजॉर्ट बने हुए हैं. ये रिजॉर्ट बड़ी राशि लेकर लायन शो का ऑफर देते रहे हैं.
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