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गढ़वा में तेजी से फल-फूल रहा अवैध ईंट भट्टे का कारोबार

Nityanand Dubey

Garhwa : जिले में बालू के लूट के लिए मची घमासान के बीच अवैध ईंट भट्ठे का कारोबर तेजी से फल फूल रहा है. जिस प्रकार धड़ल्ले से अवैध रूप से ईंट भट्ठे का संचालन हो रहा है उससे एक ओर जहां पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं सरकार को राजस्व की भी हानी हो रही है.  इतना ही नहीं इन ईंट भट्ठों में चोरी का कोयला और अवैध रूप से जंगल से काटी गयी लकड़ियों का उपयोग भी खुलेआम किया जा रहा है. ये ईंट भट्ठे यहां काम करने वाले मजदूरों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहे हैं.

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बिना रोक-टोक के चल रहे अवैध ईंट भट्ठे

जिले में  मुख्यालय समेत विभिन्न जगहों पर अवैध रूप से ईंट भट्ठे बिना किसी रोक-टोक के चल रहे हैं. इन अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों के संचालकों के पास न तो पर्यावरण का एनओसी है और न ही इनके पास ईंट भट्ठे संचालित करने का अनुज्ञप्ति. इसके बावजुद भी इन अवैध ईंट भट्ठे का करोबार धड़ल्ले से चल रहा है. धड़ल्ले से चल रहे इस कारोबर क पीछे पदाधिकारियों की संलिप्ता बतायी जाती है.

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चोरी के कोयलों से पकता है ईंट

जानकारों और ईंट के व्यपारियों से जुड़े लोगों कI मानना है कि ईंट के व्यवसाय में काफी मुनाफा है. ईंट के धंधे में हजार से लाख और लाख से दस लाख बनते देर नहीं लगती है. भट्ठा संचालक ज्यादा कमाई के लिए सभी नियमों को ताक पर रखने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं. इनके संरक्षक बन कर बैठे खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों को दिन के उजाले मे भी यह नजर नहीं आ रहा है कि जब ईंट बनाने की अनुमति ही नहीं है फिर ये ईंटें कहां से और कैसे आ रही हैं. यह जानने की फुरसत खनिज विभाग को नहीं है. ईंट बनाने के लिए मिट्टी का अवैध उत्खनन तो किया ही जा रहा है साथ ही ईंट माफिया ईंट को पकाने के लिए चोरी का कोयला और हरे-भरे जंगल की लकड़ियों के उपयोग से भी परहेज नहीं कर रह हैं.

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सरकार को हो रहा राजस्व का नुकसान

अवैध ईंट भट्ठों की वजह से सरकार को काफी राजस्व नुकसान हो रहा है. ये ईंट भट्ठे पर्यावरण एवं श्रम कानून को भी धता बता रहे हैं. इनसे खनन विभाग को प्रति वर्ष लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है. यदि समय रहते विभाग इनपर अंकुश नहीं लगाया जाता है पर्यावरण के साथ-साथ माजदुरों के ये ईंट भट्ठे घातक साबित होंगें.

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