
NewDelhi : राफेल डील पर मचे राजनीतिक घमासान के असर से वायुसेना भी अछूती नही हैं. बता दें कि एयर चीफ मार्शन बीएस धनोआ द्वारा रक्षा मंत्रालय को राफेल विमान को लेकर लिखा गया पत्र चर्चा में है. जानकारी के अनुसार अपने पत्र में बीएस धनोआ ने राफेल डील को देश की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बताया है. अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार नवंबर के पहले सप्ताह में एयर चीफ मार्शन बीएस धनोआ ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिख कर आग्रह किया है कि तमाम राजनीतिक विवादों के बावजूद फ्रांस से राफेल विमानों की खरीद नहीं रुकनी चाहिए. कहा जा रहा है कि हिंदुस्तान टाइम्स ने यह खुलासा गोपनीय सूत्रों के हवाले से किया है. हालांकि, इस मामले में भारतीय वायुसेना की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है. जानकारी के मुताबिक एयर चीफ मार्शल धनोआ ने निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर सरकार का ध्यान वायुसेना में शामिल विमानों के बेड़े की घटती सामरिक क्षमता की ओर दिलाया है.
विमानों की खरीद से पीछे नहीं हटा जाये
कहा गया है कि वर्तमान समय में पश्चिमी और उत्तरी सीमा की सुरक्षा के लिए वायुसेना को कम से कम 42 लड़ाकू विमानों के स्कॉड्रन (एक स्कॉड्रन में 14-16 लड़ाकू विमान होते हैं) चाहिए. वर्तमान में वायुसेना के पास 31 फाइटर स्कॉड्रन हैं. बताया गया है कि आने वाले महीनों में इनकी संख्या में और कमी आयेगी . वायु सेना प्रमुख ने 36 विमानों की खरीद को अनिवार्य बताया है उनका सुझाव है कि विमानों की खरीद से पीछे नहीं हटा जाये .खरीद से संबंधित किसी भी तरह की अनिश्चितता का खामियाजा एयरफोर्स को भुगतना पड़ेगा . जानकारी के अनुसार एयरफोर्स राफेल विमानों की असली कीमत सार्वजनिक करने के भी पक्ष में नहीं है. उसका मानना है कि कीमतों के आकलन के जरिए विमान की क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है. बता दें कि राफेल डील को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर सवाल खड़े कर रही है.




