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Ranchi, 30 August : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स अौर एमजीएम, जमशेदपुर में बच्चों की मौत को लेकर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है. केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है. जिसके बाद सरकार में हड़कंप मचा हुअा है. इस बीच रिम्स के निदेशक वीएस शेरवाल ने वीअारएस के लिए अावेदन दे दिया है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने बुधवार को रिम्स के अधीक्षक एसके चौधरी को हटाने का अादेश दे दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने इससे संबंधित अादेश जारी कर दिए हैं. अादेश के मुताबिक डॉ विवेक कश्यप को रिम्स अधीक्षक का प्रभार दिया जायेगा. एमजीएम में हुई मौतों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार अायोग ने भी राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है.
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क्या है मामला
हाल में रिम्स अौर एमजीएम अस्पताल की वजह से सरकार की बड़ी बदनामी हुई है. एमजीएम में जुलाई माह में 64 बच्चों की मौत की बात सामने अायी, जबकि रिम्स में पिछले 28 दिन में 133 बच्चों के मर गये. विपक्षी पार्टी यह अारोप लगा रहे हैं कि दोनों अस्पताल में सही तरीके से इलाज नहीं होने के कारण बच्चों की मौत हो गयी.
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एमजीएम में एक माह में 64 बच्चों की मौत
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में जुलाई महीने में 64 बच्चों की मौत के मामले की जांच रिपोर्ट सामने आ गयी है. इस बात की पुष्टि जांच टीम ने की है कि एक महीने में एमजीएम में 64 मौतें हुई है. स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख सुमंत मिश्रा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जिन 64 नवजात की मौत हुई थी, उनमें से 16-17 बच्चे अंडरवेट थे. कम वजन होने के कारण डॉक्टर्स उन्हें बचा नहीं पाये. सुमंत मिश्रा ने एक महीने में 64 बच्चों की मौत को गंभीर मामला माना है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट की समीक्षा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. गौरतलब है कि एक स्थानीय अखबार ने इस खबर को कुछ दिन पहले छापा था, जिसपर संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम बनाकर मामले की जांच की गयी.
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पांच घंटे खून नहीं मिला, गर्भवती महिला की मौत
रखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में एक गर्भवती महिला को पांच घंटे तक खून नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई. डॉक्टर महिला का वार्ड बदलते रहे, आैर आखिरकार महिला की जान चली गई. मृतका का नाम रुनिया देवी है. महिला की मौत के बाद महिला के पति पप्पू नायक ने इसे डॉक्टरों की लापरवाही बताया है. गुमला निवासी पप्पू नायक रांची के मेकॉन कॉलोनी में रहते हैं और पेशे से ड्राइवर हैं. 22 अगस्त की रात पप्पू की पत्नी रूनीया देवी ने पेट दर्द और चक्कर की शिकायत की, जिसके बाद पप्पू नायक अपनी पत्नी को लेकर रात के साढ़े नौ बजे रिम्स पहुंचे. रिम्स में इमरजेंसी में जांच होने के दो घंटे बाद रुनिया को गायनी वार्ड में भेज दिया गया. यहां डॉ. अनुभा विद्यार्थी ने जांच किया और रात के साढ़े बारह बजे डॉ. अनुभा ने पप्पू को बुलाकर कहा-रूनिया के शरीर में हिमोग्लोबिन की काफी कमी हो गई है. सिर्फ 4 ग्राम खून ही उसके शरीर में है. उसे जल्द से जल्द खून चढ़ाना होगा. इसके बाद खून चढ़ाने के लिए रुनिया को इमरजेंसी वार्ड में भेज दिया गया. वहां डॉ. सिद्धार्थ कपूर ने जांच की और खून चढ़ाने के लिए मेडिसिन वार्ड में भर्ती करा दिया.
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